ख़बर है कि कर्नाटक की एचडी कुमारस्वामी सरकार पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को कैबिनेट मंत्री का दर्ज़ा देने वाली है. द न्यू इंडियन एक्सप्रेस में सूत्रों के हवाले से छपी ख़बर की मानें तो अगले कुछ दिनों इस बाबत औपचारिक अधिसूचना जारी की जा सकती है.

सिद्धारमैया फिलहाल जेडीएस (जनता दल-धर्मनिरपेक्ष) और कांग्रेस गठबंधन की समन्वय समिति के मुखिया हैं. वे फिलहाल मेंगलुरु के पास श्री धर्मस्थल मंजुनाथेश्वर योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं. कुछ समय से राजनीतिक तौर सक्रिय नहीं हैं और इसकी वज़ह यह बताई जा रही है कि वे कुमारस्वामी सरकार के फिर बजट पेश करने के फ़ैसले से नाख़ुश हैं. इस बाबत उनका एक ऑडियो टेप भी सार्वजनिक हुआ है. इसमें वे अपने समर्थकों से बातचीत करते हुए इस मसले पर अपनी नाख़ुशी जताते सुने जा सकते हैं.

सिद्धारमैया की इससे भी बड़ी दिक्क़त ये है कि कांग्रेस नेतृत्व ने उनकी राय को तवज्ज़ो नहीं दी. बताया जाता है कि पूर्व में मुख्यमंत्री और वित्त मंत्रालय के भी मुखिया के तौर पर ख़ुद बजट पेश कर चुके सिद्धारमैया नहीं चाहते थे कि कुमारस्वामी सरकार फिर से यही सब करे. उनकी राय थी कि सरकार को वित्तीय वर्ष की बाकी अवधि के लिए अंतरिम बजट लाना चाहिए. इसके बाद अगली बार यानी 2019 में पूर्ण बजट पेश करना चाहिए. लेकिन कुमारस्वामी इस बाबत कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से इजाज़त ले आए .

राहुल की हरी झंडी मिलने के बाद ख़बर है कि कुमारस्वामी सरकार जुलाई के शुरू में बजट पेश कर सकती है. यही नहीं उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वरा ने भी खुले तौर पर अलग बजट पेश किए जाने का समर्थन किया है. सिद्धारमैया इससे भी दुखी बताए जाते हैं. हालांकि कैबिनेट मंत्री का दर्ज़ा मिलने के बाद उनकी तक़लीफ़ कम होगी या नहीं यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता.