कमजोर मोबाइल नेटवर्क के चलते कॉल ड्रॉप जैसी समस्याओं से अब आपको जल्द ही निजात मिलने वाली है. खबरों के मुताबिक भारतीय दूरसंचार कंपनियां अब वाई-फाई नेटवर्क पर भी वॉयस कॉल की सुविधा देने जा रही हैं. यह सुविधा उन इलाकों के लिए बहुत बड़ा तोहफा साबित होगी जहां वाई-फाई नेटवर्क बेहतर है लेकिन, मोबाइल नेटवर्क ठीक से काम नहीं करता.

ख़बरों के मुताबिक भारत की चार सबसे बड़ी कंपनियों ने इस पर काम शुरू कर दिया है और बताया जा रहा है कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी वोडाफ़ोन भारत में सबसे पहले यह काम कर सकती है. कंपनी ने 4जी फ़ोन इस्तेमाल करने वाले अपने पोस्टपेड ग्राहकों को यह सुविधा देने की दिशा में काम शुरू कर दिया है. वोडाफोन ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में अपने ग्राहकों को काफी समय से वाईफाई नेटवर्क पर वॉयस कॉल की सुविधा दे रही है.

इस मामले में दूरसंचार कंपनी आइडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना था, ‘वाईफाई कॉलिंग हमारे लिए कई तरह से लाभदायक है. इससे नेटवर्क पर पड़ने वाला बोझ कम होगा, कॉल ड्राप की समस्या दूर होगी और हमारी पहुंच बढ़ेगी.’ खबरों के मुताबिक रिलायंस जिओ ने भी इस मामले में अपनी तैयारी पूरी कर ली है और कंपनी वाई-फाई कॉलिंग को बड़े स्तर पर टेस्ट भी कर चुकी है. उधर, भारती एयरटेल से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कंपनी जल्द ही वाई-फाई कॉलिंग का ट्रायल शुरू करने वाली है.

भारत में इंटरनेट टेलिफोनी या इंटरनेट कॉलिंग की सुविधा 2008 से उपलब्ध है. लेकिन, दूरसंचार कंपनियों की इसकी इजाजत हाल ही में मिली है. बीते हफ्ते दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने टेलिकॉम कंपनियों दिए जाने वाले लाइसेंस की शर्तों में संशोधन किया है. उसने कंपनियों को सेल्युलर मोबाइल सर्विस और इंटरनेट टेलिफोनी सर्विस के लिए एक ही मोबाइल नंबर अलॉट करने की इजाजत दे दी है. इससे कंपनियां वाई-फाई सर्विस पर भी वॉयस कॉल की सेवा दे सकेंगी. इस सुविधा के बाद अगर आपके मोबाइल में सिग्नल नहीं भी आते हैं तब भी आप वाई-फाई के जरिये कॉल कर सकते हैं.