भाजपा को अपने गठबंधन सहयोगियों को सहेजने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. महाराष्ट्र में शिव सेना के अकेले चुनाल लड़ने के ऐलान के बाद अब रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया-अठावले (आरपीआई-ए) ने मोलभाव शुरू कर दिया है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार मंगलवार को आरपीआई (ए) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, ‘हम महाराष्ट्र सरकार में एक मंत्री पद आरपीआई को देने की मांग कर रहे हैं. हम भाजपा के साथ तब भी खड़े हैं, जब शिव सेना 2019 के आम चुनाव में साथ छोड़ने का ऐलान कर चुकी है.’ उन्होंने कहा कि वे पहले भी मांग कर चुके हैं और बहुत जल्द मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने अपनी मांग को रखेंगे.

महाराष्ट्र की विधानसभा और विधान परिषद में आरपीआई-ए का अभी एक भी विधायक नहीं है. इस बारे में रामदास अठावले का कहना है कि विधान परिषद के आगामी चुनाव में भाजपा को एक सीट पर उनकी पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन करना चाहिए. महाराष्ट्र में 16 जुलाई को विधान परिषद के अगले चरण का चुनाव होना है. ऐसे में रामदास अठावले की इस मांग को विधान परिषद चुनाव में भाजपा की मुश्किलें बढ़ाने वाला माना जा रहा है.

शिव सेना के अकेले लड़ने के ऐलान के बाद भाजपा के साथ उसके संबंधों में लगातार गिरावट देखी जा रही है. बीते हफ्ते पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर देश के साथ नाइंसाफी करने का आरोप लगाया था. उन्होंने फिर दोहराया था कि शिव सेना, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से अलग हो जाएगी. हालांकि,, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले अपने दोनों गठबंधन सहयोगियों को बातचीत से मतभेद सुलझाने की सलाह दे चुके हैं. लेकिन शिव सेना की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.