प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1975 में लागू आपातकाल की वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है. मंगलवार को मुंबई में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘हम केवल कांग्रेस की आलोचना करने के लिए काला दिवस (आपातकाल) नहीं मना रहे हैं, बल्कि आज की युवा पीढ़ी को उस दौर की घटनाओं के बारे में जागरुक करना चाहते हैं.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, ‘देश ने कभी नहीं सोचा था कि सत्ता की लालच और एक परिवार की चापलूसी में देश को एक जेल में तब्दील कर दिया जाएगा.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज के युवाओं को आपातकाल की बातों की जानकारी नहीं है. उन्होंने आगे कहा, ‘युवा कभी नहीं जान पाएंगे कि बिना आजादी के जीना क्या हो सकता है.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि आपातकाल के दौरान जिसने भी संविधान को बचाने की कोशिश की, उसे मुसीबतों का समाना करना पड़ा था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुताबिक, ‘जब भी कांग्रेस या उसका परिवार सोचता है कि उसकी स्थिति खतरे में है, वे हमें बताने लगते हैं कि देश खतरे में है और केवल वही हमें बचा सकते हैं.’ उन्होंने आगे कहा कि जिस दल में आंतरिक लोकतंत्र नहीं है, वह लोकतंत्र के आदर्शों का कभी सम्मान नहीं कर सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि जिन लोगों ने संविधान को कुचला, देश को लोकतंत्र को कैदी बनाया, वे आज डर फैला रहे हैं कि मोदी संविधान में दखलंदाजी कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने आपातकाल पर अपने भाषण के अंत में ‘लोकतंत्र अमर रहे’ का नारा भी लगाया.