महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किए गए सर्वेक्षण में भारत की स्थिति सीरिया और अफगानिस्तान जैसे युद्ध ग्रस्त देशों से भी कमजोर होने की बात सामने आई है. रॉयटर्स के हवाले से प्रकाशित एनडीटीवी की खबर के मुताबिक थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन के सर्वेक्षण में यौन उत्पीड़न और बंधुआ मजदूरी जैसी वजहों के चलते भारत महिलाओं के लिए सबसे खतरनाक देशों में पहले स्थान पर आया है. इसके बाद अफगानिस्तान का नंबर है. वहीं, सीरिया तीसरे, सोमालिया चौथे और सऊदी अरब पांचवें स्थान पर हैं.

थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन के सर्वेक्षण में 550 विशेषज्ञ शामिल थे, जिनसे संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों में महिलाओं के लिए सबसे खतरनाक पांच देशों का जवाब मांगा गया था. इनमें स्वास्थ्य सुविधाएं, आर्थिक संसाधन, सांस्कृतिक प्रथाएं, यौन हिंसा और उत्पीड़न व मानव तस्करी जैसे आधार भी शामिल थे. इस सर्वेक्षण में अमेरिका अकेला पश्चिमी देश है, जो शीर्ष दस देशों में शामिल है. हालांकि, महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा, उत्पीड़न और जबरन यौन संबंध बनाने के लिहाज से शीर्ष खतरनाक देशों में वह तीसरे स्थान पर है.

थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन का यह सर्वेक्षण 2011 में हुए सर्वे का दोहराव है, जिसमें महिलाओं के लिए खतरनाक देशों में अफगानिस्तान पहले स्थान पर था. इसके बाद कांगो, पाकिस्तान, भारत और सोमालिया थे. विशेषज्ञों के मुताबिक भारत का शीर्ष स्थान की ओर बढ़ना बताता है कि महिलाओं के लिए जोखिम घटाने की दिशा में सही से काम नहीं किया गया है. कर्नाटक के एक अधिकारी मंजुनाथ गंगाधारा ने कहा, ‘भारत ने महिलाओं के लिए जबरदस्त उपेक्षा और अपमान दिखाया है. बलात्कार, शादी के बाद बलात्कार, यौन हिंसा और उत्पीड़न, कन्या भ्रूण हत्या बगैर किसी बाधा के जारी है.’ खबर के मुताबिक केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्रालय ने इस सर्वेक्षण के नतीजों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.