लोक सभा के साथ राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव भी कराने के विचार का ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल (बीजेडी) के प्रमुख नवीन पटनायक ने भी समर्थन किया है. उन्होंने कहा है, ‘हमें जनता के काम करने के लिए चुना जाता है. लेकिन पूरे साल कोई न कोई चुनाव होते रहने से इन कामों में बाधा आती है. इसीलिए हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस विचार का समर्थन करते हैं कि लोक सभा के साथ राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव भी होने चाहिए.’

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक बीजेडी के प्रतिनिधि इस मसले पर विधि आयोग को भी अपनी राय से अवगत कराने वाले हैं. आयोग ने पार्टी के प्रतिनिधियों को इस बाबत 14 जून को पत्र जारी किया है. इसमें अध्यक्ष जस्टिस बीएस चौहान ने कहा है, ‘आयोग जनता के विचार (एक साथ चुनाव कराने के मसले पर) पहले ही ले चुका है. अब वह राजनीतिक दलों के विचार भी जानने की मंशा रखता है. लिहज़ा आयोग आपकी पार्टी (बीजेडी) के प्रतिनिधियों से इस बाबत चर्चा के लिए उन्हें सात या आठ जुलाई को आमंत्रित करता है.’

जस्टिस चौहान ने पार्टी प्रमुख नवीन पटनायक से अपनी राय 30 जून तक भेजने का भी आग्रह किया है. साथ में यह भी कहा है, ‘बेहतर होगा अगर इस मसले पर बातचीत करने के लिए आप (नवीन पटनायक) ख़ुद आयोग के सामने उपस्थित हों. लेकिन अगर आप न आ सकें तो अपनी तरफ से अपने अधिकृत प्रतिनिधि को भेजने पर विचार करें जो आयोग को आपकी राय के बारे में बता सके.’ ग़ौरतलब है कि लोक सभा और विधानसभाओं के चुनाव साथ कराने का विचार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे बढ़ाया है. उन्होंने 17-18 नवंबर 2017 को हुए विधि दिवस समारोह के दौरान सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया था कि इस पर रचनात्मक तरीके से विचार करें.