अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में लगातार गिरावट जारी है. गुरुवार को रुपया अब तक के अपने इतिहास में सबसे कमजोर होकर 69 रुपये प्रति डॉलर के स्तर को पार कर गया. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. जानकारों की मानें तो यह आंकड़ा 70 के पार पहुंच सकता है. माना जा रहा है कि इसकी वजह से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है. इसके अलावा स्विस बैंकों में जमा भारतीयों की रकम में 50 फीसदी की बढ़ोतरी भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. स्विस नेशनल बैंक की 28 जून को जारी रिपोर्ट के मुताबिक स्विस बैंकों में भारत का पैसा 2017 में 7,000 करोड़ रुपये बढ़ गया है. वहीं, दुनिया भर से स्विस बैंकों में आए धन में तीन फीसदी (100 लाख करोड़) की बढ़त हुई है.

खरीफ फसल की रोपाई शुरू होने के बाद भी इसके एमएसपी का ऐलान नहीं

देश के कई राज्यों में धान रोपाई की शुरुआत होने के बाद भी अब तक केंद्र सरकार ने खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का ऐलान नहीं किया है. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक 22 जून तक 116 लाख हेक्टेयर जमीन पर फसल की रोपाई की जा चुकी है. इससे पहले इस साल के केंद्रीय बजट में सरकार ने किसानों को उनकी फसल के लिए लागत से 50 फीसदी अधिक कीमत देने का ऐलान किया था. हालांकि, बताया जाता है कि अब तक एमएसपी की घोषणा न करने की वजह से किसान संशय की स्थिति में हैं. अखबार की मानें तो केंद्र, नीति आयोग के उस प्रस्ताव पर भी विचार कर रहा है जिसमें एमएसपी के बोझ को राज्यों और निजी एजेंसियों के कंधे पर डालने की बात कही गई है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि इस संबंध में गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक मंत्री समूह का गठन किया गया है. उनकी मानें तो यह समूह एमएसपी को लेकर जल्द ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सकता है.

केंद्र ने तेल कंपनियों से ईरान की जगह वैकल्पिक स्रोतों से तेल आयात करने को कहा

ईरान पर प्रस्तावित आर्थिक प्रतिबंध को देखते हुए केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों से वैकल्पिक स्रोतों से तेल आयात करने को कहा है. दैनिक भास्कर ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि भारतीय कंपनियां ईरान की जगह सऊदी अरब और कुवैत से तेल आयात बढ़ा सकती हैं. इस बारे में पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कहना है, ‘हमें दुनिया में किसी देश से तेल खरीदने में कोई आपत्ति नहीं है. हम लैटिन अमेरिका से भी तेल खरीदते हैं और ब्रूनेई से भी.’ हालांकि, पिछली बार (2013) में अमेरिका और यूरोपीय देशों द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी भारत ने ईरान से तेल आयात करना जारी रखा था. बताया जाता है कि कंपनियों के लिए ईरान से तेल खरीदना आसान है क्योंकि उन्हें 60 दिनों में भुगतान करने की सुविधा होती है. वहीं, दूसरे देश इसके लिए केवल 30 दिनों का वक्त देते हैं.

चुनाव आयोग ने फेसबुक से मतदान से 48 घंटे पहले राजनीतिक विज्ञापन हटाने को कहा

चुनाव आयोग ने फेसबुक से देश में मतदान से 48 घंटे पहले राजनीतिक विज्ञापन हटाने को कहा है. नवभारत टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक इस बारे में आयोग ने एक समिति का गठन किया था. इस समिति की चार जून की बैठक में फेसबुक के प्रतिनिधि ने इस पर अपनी सहमति जाहिर की थी कि वह अपने पेज पर एक विंडो या बटन उपलब्ध कराने पर विचार करेगा, जिस पर चुनाव कानूनों के उल्लंघन की शिकायत की जा सकेगी. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा था कि पोस्टों की समीक्षा करने वाले कर्मचारियों की संख्या भी 7500 से अधिक की जा सकती है. जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा- 126 मतदान से 48 घंटे पहले किसी भी तरह के चुनाव प्रचार को प्रतिबंधित करती है. फेसबुक ने आयोग के ताजा आदेश पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

उत्तर कोरिया : किम जोंग उन ने एक शीर्ष सेनाधिकारी को सरेआम 90 गोलियों से छलनी करवाया

उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन ने अपने एक शीर्ष सेनाधिकारी को सरेआम 90 गोलियों से छलनी करवा दिया. राजस्थान पत्रिका की खबर के मुताबिक लेफ्टिनेंट जनरल ह्योंग जो सोंग पर जवानों के परिवारों को तय सीमा से अधिक खाना और ईंधन बांटने का आरोप था. इससे पहले उन्हें अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल करने की वजह से देशद्रोही ठहराया गया था. बीती 10 अप्रैल को ह्योंग जो सोंग ने कहा था, ‘अब परमाणु हथियार और रॉकेट बनाने के लिए हम और भूखे नहीं रह सकते. इसके बाद उन्होंने जवानों के परिवारों के लिए अधिक अनाज और ईंधन बांटने के आदेश दिए थे. इससे पहले किम जोंग उन एक बैठक के दौरान झपकी लेने वाले अपने रक्षा प्रमुख को भी मरवा चुके हैं.