दसवीं-बारहवीं की परीक्षा की कॉपियों में अंक देने में हुई गड़बड़ी के मामले में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने देश के 130 अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की है. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक बोर्ड के अधिकारियों ने बताया है कि क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा भी अपने तहत आने वाले स्कूलों, अध्यापकों या अन्य कोऑर्डिनेटरों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए जा सकते हैं.

बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी है कि इस मामले में सबसे ज्यादा गलत कॉपियां चेक करने वाले अध्यापक बिहार की राजधानी पटना के हैं. इस अधिकारी के मुताबिक, ‘बड़ी गलतियां करने वाले 27 अध्यापकों या कोऑर्डिनेटरों की पहचान करने के बाद सीबीएसई के देहरादून स्थित कार्यालय ने तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए पत्र जारी कर दिए हैं.’ अधिकारी के मुताबिक चेन्नई के 14, इलाहाबाद के 11, भुवनेश्वर के सात, दिल्ली के छह, गुवाहाटी के दो, तिरुवनंतपुरम के एक और अजमेर व पंचकुला के आठ-आठ अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

अधिकारी ने यह भी बताया है, ‘दिल्ली के पांच अध्यापकों (तीन सरकारी और दो निजी स्कूल के) को कथित रूप से निलंबित कर दिया गया है. स्कूलों से भी बात कर इस बारे में कार्रवाई करने को कहा गया है.’ अधिकारी के मुताबिक ये अध्यापक दसवीं और बारहवीं की कॉपियों में कुल अंकों की गणना में बड़ी गलतियां करने के जिम्मेदार हैं. बीते मई में सीबीएसई की दसवीं-बारहवीं की कक्षा के नतीजे घोषित किए गए थे. इसके बाद कुछ छात्र-छात्राओं ने अलग-अलग पेपरों में उन्हें मिले अंकों को लेकर असंतोष जताया था और इसके बाद जब इन्होंने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन दिया तो इनमें से कुछ को पहले के मुकाबले 50-55 तक ज्यादा अंक मिले. सीबीएसई द्वारा कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया एक जून से शुरू की गई थी और यह अब भी जारी है. माना जा रहा है कि इस दौरान अंक देने में लापरवाही बरतने वाले और शिक्षकों की गड़बड़ियां पकड़ में आ सकती हैं और उन पर कार्रवाई हो सकती है.