कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेतृत्व ने अपने कार्यकर्ताओं से कांग्रेस और जनता दल सेकुलर (जेडीएस) गठबंधन सरकार के नाराज विधायकों को अपनी पार्टी में शामिल कराने के लिए कहा है. द टाइम्स आॅफ इंडिया के मुताबिक राज्य में विधानसभा चुनाव- 2018 के संपन्न होने के बाद पार्टी कार्यकारिणी समिति की पहली बैठक के दौरान यह बात कही गई.

बैठक में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश इकाई के भाजपा अध्यक्ष बीएस येद्दियुरप्पा ने कहा, ‘राज्य की कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन सरकार में स्थिरता नहीं है. ऐसे में भाजपा यहां अपनी पार्टी की सरकार बनाने को लेकर आशान्वित है. कर्नाटक के लोग भी यही चाहते हैं कि भाजपा की सत्ता में वापसी हो क्योंकि यही जनादेश था.’ उन्होंने यह भी कहा, ‘2019 के आम चुनाव के बाद नरेंद्र मोदी को एक बार फिर प्रधानमंत्री बनाने के लिए इस गठबंधन के नाराज विधायकों को भाजपा के साथ जोड़ने की जरूरत है.’

इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव पी मुरलीधर राव ने कहा कि हाल में हुए राज्य विधानसभा चुनाव में पार्टी को 104 सीटों पर जीत मिली थी और बहुमत से भाजपा सिर्फ नौ सीटों से दूर रह गई. उनका कहना था, ‘कर्नाटक चुनाव के बाद पूरा देश राष्ट्रवादी और गैर राष्ट्रवादियों के रूप में दो धड़ों में बंटा हुआ दिख रहा है. जो लोग समझते हैं कि गैर राष्ट्रवादियों का इस देश में कोई भविष्य नहीं है उन्हें हम राष्ट्रवादियों के साथ आने के लिए खुला निमंत्रण देने को तैयार हैं.’

मुरलीधर राव ने आगे कहा, ‘कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी अच्छी तरह जानते हैं कि कांग्रेस ने जनादेश के विपरीत जाकर प्रदेश में गठबंधन सरकार बनाई है. देश की सबसे पुरानी पार्टी कहीं राज्य में अपना बचा-खुचा जनाधार भी न खो दे इसीलिए अब वे (सिद्धारमैया) गठबंधन के निर्णयों के विरोध में आवाज उठा रहे हैं.’