जम्मू-कश्मीर में सेना को विभिन्न अभियानों के दौरान पथराव की समस्या का सामना करना पड़ता है. सेना की समस्या तब और बढ़ जाती है जब पत्थर फेंकने वालों में महिलाएं भी शामिल हो जाती हैं. द टाइम्स आॅफ इंडिया के मुताबिक इस समस्या के समाधान के लिए केंद्रीय रिर्जव पुलिस बल (सीआपीएफ) अब कुछ महिला कमांडो को महिला पत्थरबाजों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दे रहा है.

इन महिला कमांडो को अचानक पैदा होने वाली विपरीत परिस्थितियों के अलावा रात के समय में भी पत्थरबाजों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है. साथ ही विषम परिस्थितियों में उठाए जाने वाले उपायों के अलावा ऐसे अभियानों के दौरान हथियारों में आई खराबी को मिनटों में ठीक करने की ट्रेनिंग भी इन्हें दी जा रही है.

बीते कुछ महीनों के दौरान पत्थरबाजी की घटनाओं से सिर्फ सेना के जवान ही नहीं बल्कि पर्यटकों के अलावा घाटी के स्थानीय निवासी भी घायल हुए हैं. ऐसी ही कुछ घटनाओं के दौरान मई के महीने में चेन्नई के एक पर्यटक की जान चली गई थी. साथ ही मई के महीने में ही पर्यटकों के एक वाहन पर फेंके गए पत्थरों से सात पर्यटक घायल भी हो गए थे. इसके अलावा कुछ पत्थरबाजों ने राज्य के ही स्कूल की एक बस पर पथराव किया था जिसमें एक बच्चे को गंभीर चोटें आई थीं.