अफगानिस्तान में हुए एक बम धमाके में 19 लोगों की मौत और 20 अन्य के घायल होने की खबर है. मरने वालों में 17 अफगान सिख-हिंदू बताए जा रहे हैं. द हिंदू के मुताबिक रविवार को अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी जलालाबाद शहर के दौरे पर थे. उसी दौरान जलालाबाद के गवर्नर के आवास से थोड़ी दूर स्थित एक बाजार मुखाबेरात स्कवॉयर में धमाका हुआ. यहां ज्यादातर दुकानें अफगानी अल्पसंख्यक सिखों व हिंदुओं की हैं. प्रांतीय पुलिस के प्रमुख ने बताया कि आत्मघाती हमलावर ने राष्ट्रपति से मिलने जा रहे सिख अल्पसंख्यकों के वाहन को निशाना बनाया. यहां के प्रांतीय गवर्नर के प्रवक्ता ने भी अफगान सिखों की मौत की पुष्टि की है.

खबरों के मुताबिक मृतकों में सिख समुदाय के एक नेता अवतार सिंह खालसा शामिल हैं. वे अक्टूबर में होने वाले चुनाव में उतरने वाले थे. अफगानिस्तान की संसद में सिखों के लिए एक सीट आरक्षित है. कहा जा रहा है कि इसलिए सिखों को निशाना बनाया गया. अभी तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. हालांकि पिछले कुछ सालों के दौरान जलालाबाद में इस्लामिक स्टेट (आईएस) की गतिविधियां बढ़ी हैं.

इधर, भारत सरकार ने भी इस हमले निंदा की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिवारों के साथ संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘हम रविवार को अफगानिस्तान में हुए आतंकी हमलों की कड़ी निंदा करते हैं. यह अफगानिस्तान के बहुसांस्कृतिक समाज पर हमला है. शोकग्रस्त परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं. मैं प्रार्थना करता हूं कि हमले में घायल लोग जल्द ठीक हो जाएं. इस दुख की घड़ी में भारत अफगानिस्तान के सहयोग के लिए तैयार है.’