रविवार को नीदरलैंड के ब्रेडा में चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला आॅस्ट्रेलिया और भारत के बीच खेला गया. इस मुकाबले का नतीजा पेनल्टी शूटआउट के जरिये निकला जिसमें भारत पर 3-1 से जीत दर्ज करते हुए आॅस्ट्रेलिया ने 15वीं बार इस खिताब पर कब्जा जमाया. भारतीय हॉकी टीम को अब तक एक बार भी चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम करने में कामयाबी नहीं मिल पाई है.

फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों की तरफ से आक्रमण और रक्षा का बेहतरीन खेल देखने को मिला. मैच की शुरुआत से ही आॅस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों द्वारा गोल किए जाने के कई प्रयासों को भारतीय रक्षा पंक्ति और गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने नाकाम किया. लगातार हमलों के बीच आॅस्ट्रेलिया को पहले हाफ के 21वें मिनट में बढ़त बनाने में कामयाबी मिली. ब्लैक गोवर्स ने यह गोल ड्रैग फ्लिक करते हुए जमाया.

दूसरे हाफ में भारतीय अग्रिम पंक्ति ने जवाबी हमलों में तेजी दिखाई. खेल के 43वें मिनट में चिंगलेनसाना ने विवेक सागर प्रसाद के पास गेंद बढ़ाई जिन्होंने गेंद को गोल में पहुंचाकर भारत को मुकाबले में बराबरी पर ला दिया. मैच का आधिकारिक समय पूरा होने तक दोनों टीमें कोई और गोल नहीं कर सकीं. ऐसे में मैच के नतीजे तक पहुंचने के लिए पेनल्टी शूटआउट का विकल्प अपनाया गया.

पेनल्टी शूटआउट में आॅस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने भारत पर तीन गोल दागे जबकि भारत सिर्फ एक गोल ही कर सका. इस तरह आॅस्ट्रेलिया ने यह मुकाबला अपने नाम कर लिया. इससे पहले साल 2016 में भी भारत और आॅस्ट्रेलिया के बीच चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला खेला गया था. उस मुकाबले में भी आॅस्ट्रेलिया ने भारत को 3-1 से शिकस्त दी थी.