जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाज़ लड़कियों का मुकाबला अब सीआरपीएफ (केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल) की महिला जवान करेंगी. सीआरपीएफ ने 500 महिला जवानों की टुकड़ी घाटी में तैनात की है.

द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक सीआरपीएफ की महिला जवानों की टुकड़ी को सभी तरह के हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया गया है. इसमें पंप एक्शन गन, पावा शेल्स गन, पैलेट गन आदि चलाने, मिर्च पाउडर भरे हुए ग्रेनेड फेंकने और आंसू गैस के गोले दागने आदि का प्रशिक्षण शामिल है. फिलहाल घाटी के हालात, वहां के मौसम, हिंसा की तीव्रता की विभिन्न स्थितियां आदि के बारे में उन्हें जानकारी दी जा रही है. इसके बाद उन्हें मैदान में उतारा जा सकता है.

ख़बर के मुताबिक इन महिला जवानों को असॉल्ट राइफलें दी जाएंगी ताकि वे आतंकी हमले के वक़्त ज़वाबी कार्रवाई कर सकें. इसके अलावा हल्के वज़न के सुरक्षा कवच, हैलमेट, लकड़ी की छड़ी, बुलेट प्रूफ जैकेट और मारक तथा सामान्य हथियार भी मुहैया कराए जाएंगे. इनका 45 दिनों का प्रशिक्षण पूरा होते ही इन्हें श्रीनगर, शोपियां, पुलवामा, कुलगाम, बडगाम और अनंतनाग के उन अशांत इलाकों में तैनात किया जाएगा जहां पत्थरबाज़ी की घटनाएं अक्सर ही हाेती रहती हैं.