केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस साल का बजट पेश करते हुए खरीफ फसलों का समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने की घोषणा की थी. नरेंद्र मोदी सरकार ने बुधवार को इस घोषणा पर अमल भी कर दिया. द फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक धान के एमएसपी में क़रीब 200 रुपए प्रति क्विंटल तक की वृद्धि की गई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में एमएसपी बढ़ाने का फैसला किया गया. हालांकि इस फैसले के दो पहलू और हैं. पहला- इसे 2019 के लोक सभा और इसी साल मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान के विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र लिया गया फैसला माना जा रहा है. दूसरा- इससे महंगाई बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है.

हालांकि नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने इससे इंकार किया है कि मोदी सरकार के इस फैसले से महंगाई बढ़ सकती है. फिर भी इतना तो तय ही है कि एमएसपी बढ़ने से केंद्र सरकार का फूड सब्सिडी बिल लगभग 11,000 करोड़ रुपए तक बढ़ जाएगा. यहां बताना ज़रूरी है कि केंद्र सरकार का उपक्रम- भारतीय खाद्य निगम एमएसपी पर किसानों से सीधे गेहूं और चावल खरीदता है. फिर इस खाद्यान्न को खाद्य सुरक्षा कानून के तहत ज़रूरतमंदाें को बेहद कम दाम पर (केंद्र से मिली सब्सिडी के जरिए) उपलब्ध कराया जाता है.