एक तरफ देश का उतरी हिस्सा इस वक्त भयंकर गर्मी में उबल रहा है तो दूसरी ओर आर्थिक राजधानी मुंबई बुरी तरह से बारिश की चपेट में आ गई है. पिछले 24 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन पटरी से उतर गया है. सड़कों से लेकर रेलवे पटरियां और एयरपोर्ट तक पानी से भरे पड़े हैं. इस सबके चलते मुंबई की यातायात व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है. समंदर में लगातार उठ रही ऊंची लहरों ने लोगों की मुश्किलें और बढा दी हैं. आलम यह है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने लोगों से बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने को कहा है. बारिश की वजह से बांबे हाइकोर्ट से लेकर शहर के अधिकतर स्कूल कालेज भी बंद कर दिए गए हैं.
और भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर नौसेना के हेलीकॉप्टर और गोताखोर अलर्ट पर हैं.
बताया जा रहा है कि भारी बारिश को देखते हुए शिवसेना ने भी अपना स्थापना कार्यक्रम रद्द कर दिया है. मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार की रात से लेकर अब तक मुंबई में रिकार्ड 283 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. खबरों के मुताबिक काफी समय के बाद मुंबई में इतनी ज्यादा बारिश हुई है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों में हालात और बिगड़ सकते हैं. विभाग ने यह आशंका भी जताई है कि इस दौरान मुंबई के अलावा राज्य के अन्य हिस्सों में भी तेज समुद्री हवाएं चल सकती हैं. इस सबको देखते हुए नौ सेना के हेलीकॉप्टर और गोताखोर अलर्ट पर हैं.
आडवाणी से नहीं मिल सके केजरीवाल
भाजपा के सबसे वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी से मिलने की दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की इच्छा पूरी नहीं हो सकी है. सूत्रों के मुताबिक आडवाणी ने व्यस्तता का हवाला देकर केजरीवाल की उनसे मिलने की दरख्वास्त को ठुकरा दिया. मुख्यमंत्री बनने के बाद आडवाणी और केजरीवाल की यह पहली प्रस्तावित मुलाकात थी. सूत्रों की मानें तो भाजपा और आरएसएस इस मुलाकात को लेकर खुश नहीं थे जिसके बाद आडवाणी ने अरविंद केजरीवाल से मिलने से इनकार कर दिया. हालांकि भाजपा ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि इसमें उसका कोई हस्तक्षेप नहीं है.
बताया जा रहा है कि आडवाणी और केजरीवाल की इस मुलाकात की पृष्ठभूमि अंग्रेजी भाषा के अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपे आडवाणी के हालिया इंटरव्यू के चलते बनी थी. इस इंटरव्यू में आडवाणी ने आशंका जताई थी कि देश में फिर से आपातकाल की नौबत आ सकती है. आडवाणी के इस बयान का केजरीवाल ने जोरदार समर्थन किया था और आशंका जताई थी कि इसका पहला प्रयोग दिल्ली में (आप सरकार के खिलाफ) हो सकता है. इसके बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की सुगबुगाहट शुरू हो गई थी. जानकारों का मानना था कि ऐसा कह कर आडवाणी ने अप्रत्यक्ष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम करने के तौर-तरीके पर निशाना साधा है.
फिलहाल जेल में ही रहेंगे सुब्रत राय
साल भर से ज्यादा समय से जेल में बंद सहारा समूह के मालिक सुब्रत राय सहारा को खुली हवा में आने के लिए अभी और इंतजार करना होगा. उनकी जमानत के लिए 5000 करोड़ रुपये की गारंटी देने की बात कहने वाले बैंक के मुकर जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत देने से इंकार कर दिया है. अदालत ने कहा है कि जब तक वे 5000 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी नहीं देते तब तक उन्हें जमानत पर नहीं छोड़ा जा सकता. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने उनको मिलने वाली जमानत की शर्तों को और साफ करते हुए कहा है कि जमानत मिल जाने के बाद सुब्रत राय को बाकी रकम का भुगतान 18 महीने के भीतर हर हाल में करना होगा. सेबी के मुताबिक उनने द्वारा चुकाई जाने वाली रकम बढ कर अब कुल 36000 करोड़ रुपये (ब्याज समेत) हो चुकी है.
सहारा समूह की कंपनियों में पूंजी लगाने वाले निवेशकों का पैसा न लौटाने के आरोप में सुब्रत राय पिछले साल चार मार्च से जेल में बंद हैं. सुप्रीम कोर्ट ने उनसे अपनी रिहाई के एवज में सेबी के पास 10 हजार करोड़ रुपए जमा कराने को कहा था. कोर्ट ने उनसे पांच हजार करोड़ रुपये नगद और बाकी पांच हजार करोड़ बैंक गारंटी के रूप में जमा करने को कहा था. लेकिन उन्होंने अभी तक यह राशि सेबी को नहीं सौंपी है. इस बारे में पूछे जाने पर उनके वकील और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जिस बैंक ने गारंटी देने की बात कही थी, उसने अब ऐसा करने से मना कर दिया है. इस रकम का इंतजाम करने के लिए कोर्ट ने उन्हें फिर से अपनी संपत्ति बेचने की इजाजत दे दी है.