केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को बैंक आॅफ इंडिया (बीओआई) के दो सेवानिवृत्त अधिकारियों को गिरफ्तार किया. यह गिरफ्तारियां बीओआई के साथ 2,654 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में की गई हैं.

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक कथित तौर पर बैंक के साथ यह धोखाधड़ी वडोदरा की डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (डीपीआईएल) द्वारा की गई थी. सीबीआई ने बैंक के जिन पूर्व अधिकारियों को पकड़ा है उन पर नियमों से इतर जाकर डीपीआईएल को लाभ पहुंचाने के आरोप हैं. इन पूर्व बैकरों के नाम वीवी अग्निहोत्री और पीके श्रीवास्तव बताए गए हैं. इनमें अग्निहोत्री बीओआई के जनरल मैनेजर और श्रीवास्तव डिप्टी जनरल मैनेजर रह चुके हैं. इन्हें शनिवार को अहमदाबाद की विशेष अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा.

बताया जाता है कि डीपीआईएल प्रबंधन ने निजी व सार्वजनिक क्षेत्र के 11 बैंकों से कर्ज हासिल किया था. उधर, बीओआई ने जब इस कपंनी को दिया कर्ज वापस न मिलते देखा तो 2016-17 में इसे गैर-निष्पादित संपत्तियों (एनपीए) में डाल दिया गया था. फिर बैंक ने मामले की शिकायत दर्ज कराई. इस मामले में सीबीआई ने प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज करने के बाद इसी साल अप्रैल में कंपनी के संस्थापक सुरेश नरेन भटनागर व निदेशक के पद पर नियुक्त उसके दोनों बेटों अमित ओर सुमित को गिरफ्तार किया था.