भारत की शीर्ष जिमनास्ट दीपा कर्माकर ने एफआईजी आर्टिस्टिक जिमनास्टिक वर्ल्ड चैलेंज कप में स्वर्ण पदक जीतकर शानदार वापसी की है. रविवार को तुर्की के मर्सिन में चल रहे इस टूर्नामेंट की वॉल्ट स्पर्धा में दीपा ने 14.150 का स्कोर कर यह मेडल हासिल किया है. वर्ल्ड चैलेंज कप में यह उनका पहला पदक है.

इसके अलावा दीपा ने क्वालीफिकेशन स्टेज में तीसरे स्थान पर रहकर बैलेंस बीम फाइनल्स के लिए भी क्वालीफाई किया है. उनके वॉल्ट स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर उन्हें बधाई दी है. एफआईजी वर्ल्ड कप इंटरनेशनल जिमनास्टिक फेडरेशन की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता है.

त्रिपुरा की रहने वाली दीपा कर्माकर ने 2016 के रियो ओलंपिक में चौथा स्थान लाकर पूरे देश में सुर्खियां बटोरी थीं. उस समय सचिन तेंदुलकर जैसे लीजेंड ने भी उनकी इसलिए सराहना की थी क्योंकि इससे पहले तक भारत के किसी भी जिमनास्ट ने विश्व स्तर की किसी भी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया था. लेकिन उसके बाद से ही दीपा लगातार चोटों से जूझ रही थीं.

वर्ल्ड चैलेंज कप में भारत के एक और जिमनास्ट राकेश पात्रा ने भी शानदार प्रदर्शन किया. लेकिन उन्हें 13.65 केे स्कोर केे साथ चौथे स्थान से ही संतोष करना पड़ा. इस इवेंट का स्वर्ण पदक मेजबान देश तुर्की के इब्राहिम ने जीता. दीपा और राकेश आगामी एशियाई खेलों के लिए चुनी गई 10 सदस्यीय भारतीय जिमनास्टिक टीम के भी सदस्य हैं.