नई दिल्ली में रविवार को जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से जुड़ी खबरों को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इस शीर्षस्तरीय बैठक में पार्टी प्रमुख नीतीश कुमार ने सहयोगी भाजपा और विपक्षी दलों को संदेश देने की कोशिश की. उन्होंने कहा, ‘जदयू को कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता. हमें किनारे करने वाले खुद किनारे हो जाएंगे.’ बिहार के मुख्यमंत्री ने आगे भ्रष्टाचार, अपराध और सांप्रदायिकता के खिलाफ सख्ती से पेश आने की बात दोहराई. साथ ही, भाजपा नेता गिरिराज सिंह का नाम लिए बिना उन्होंने कहा, ‘केंद्रीय मंत्री जेल में दंगा आरोपितों से मिल रहे हैं. आंसू बहाकर झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाते हैं.’

हिमाचल प्रदेश : बोतलबंद पानी से कम कीमत पर दूध की खरीद

हिमाचल प्रदेश में पशुपालकों से दूध बोतलबंद पानी की कीमत से भी कम दर पर खरीदा जा रहा है. दैनिक जागरण में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक सूबे में गांवों से केवल 14 रुपये प्रति लीटर की दर से दूध खरीदा जा रहा है. सबसे बढ़िया दूध की कीमत 23 रु प्रति लीटर है. दूसरी ओर, इसे शहर में 45 से 50 रुपये प्रति लीटर तक बेचा जा रहा है. वहीं, बोतलबंद पानी की कीमत 20 रुपये प्रति लीटर है. बताया जाता है कि दूरदराज के गांवों के पास कोई विकल्प न होने की वजह से पशुपालकों को इन कीमतों पर ही दूध बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. राज्य के पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा है कि किसानों को जिन जगहों पर दूध की कम कीमत दी जा रही है, उसकी जांच की जाएगी. उन्होंने पानी से दूध की कीमत कम होने को चिंता का विषय बताया.

कई लोगों ने प्रधानमंत्री के बयान (विदाई समारोह के दौरान) को परंपरा से हटकर माना है : हामिद अंसारी

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने करीब एक साल पहले अपने विदाई समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का मुद्दा उठाया है. अमर उजाला की खबर के मुताबिक उन्होंने कहा है कि कई लोगों ने प्रधानमंत्री के बयान को ऐसे मौकों की परंपरा से हटकर माना है. हामिद अंसारी का मानना है कि प्रधानमंत्री के बयान का संदर्भ शायद बेंगलुरु में उनके बयान से था. इसमें उन्होंने असुरक्षा की भावना का जिक्र किया था. उन्होंने कहा था कि देश में मुसलमान असहज महसूस करता है. इसके बाद बीती 10 अगस्त, 2017 को नरेंद्र मोदी ने हामिद अंसारी के विदाई समारोह के मौके पर पूर्व उपराष्ट्रपति के मुस्लिम देशों में राजनयिक के तौर पर कार्यकाल की तारीफ की थी. साथ ही, हामिद अंसारी का कार्यकाल खत्म होने के बाद उनके अल्पसंख्यकों की ओर निश्चित झुकाव का संकेत दिया था.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना पर राजस्थान और महाराष्ट्र ने अनिच्छा जाहिर की

मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना को लेकर दो भाजपा शासित राज्यों- राजस्थान और महाराष्ट्र ने अनिच्छा जाहिर की है. द हिंदू ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से कहा है कि राजस्थान में पहले से ही लोगों को स्वास्थ्य बीमा देने वाली इस तरह की भामाशाह योजना चलाई जा रही है. इसके तहत करीब 4.5 करोड़ लोगों को कैशलेस हेल्थ केयर सर्विस दी जा रही है. दूसरी ओर, महाराष्ट्र सरकार ने इसे लागू न करने के पीछे की वजह पैसे की कमी को बताया है. साथ ही, राज्य में महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना के तहत 2.2 करोड़ लोगों को दो लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा दिया जा रहा है. करीब 10 करोड़ परिवारों को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा देने की इस प्रस्तावित योजना पर अब तक 25 राज्यों ने अपनी सहमति दे दी है.

नोटबंदी के बाद विमान के जरिए नए नोटों की ढुलाई पर 29.41 करोड़ रुपये खर्च

साल 2016 में नोटबंदी के बाद नए नोटों की ढुलाई के लिए वायु सेना के अत्याधुनिक परिवहन विमान सी-17 और सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस के इस्तेमाल पर 29.41 करोड़ रुपये खर्च की गई थी. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक इन विमानों ने सिक्योरिटी प्रिंटिग प्रेस और टकसालों से देश के अलग-अलग हिस्सों में नोटों की ढुलाई के लिए 91 चक्कर लगाए. इस बारे में जानकारी हासिल करने वाले सेवानिवृत्त कोमोडोर लोकेश बत्रा ने कहा कि यदि सरकार ने नोटबंदी की घोषणा करने से पहले खुद को पूरी तरह तैयार किया होता तो इस तरह की स्थिति से बचा जा सकता था.