कांग्रेस पार्टी ने जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के उस सवाल का जवाब दे दिया है जिसमें उसने कहा था कि वह लालू यादव की पार्टी आरजेडी को लेकर अपना रुख साफ करे. बिहार में कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिन ने कहा है, ‘फासीवादी नीतीश कुमार महागठबंधन में सबसे अप्रिय व्यक्ति हैं. यहां उनके लिए कोई जगह नहीं है. हमें सलाह देने की बजाय उन्हें आत्मविश्लेषण करना चाहिए कि उन्होंने खुद के साथ क्या किया है.’

बयान में शक्ति सिंह ने कांग्रेस द्वारा नीतीश कुमार को महागठबंधन में वापस लाने की कोशिश की बात को भी खारिज कर दिया. सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी नीतीश को महागठबंधन में आने का न्यौता नहीं दिया. न्यूज18 के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘आरजेडी के साथ हमारा गठबंधन काफी पुराना है और सैद्धांतिक प्रतिबद्धताओं पर बना हुआ है. इस पर दोबारा विचार करने का सवाल ही नहीं है.’ वहीं, बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि नीतीश कुमार भाजपा के साथ सहज नहीं हैं, इसलिए वे दूसरे विकल्प खोज रहे हैं. मिश्रा ने कहा, ‘नीतीश जानते हैं कि (चुनाव को लेकर) भाजपा उनके साथ सही समझौता नहीं करेगी. उनकी पार्टी के लोगों में बेचैनी है. इसलिए वे ज्यादा सीटों के लिए मोलभाव कर रहे हैं.’

बिहार कांग्रेस की इस प्रतिक्रिया से पहले जेडीयू के महासचिव केसी त्यागी ने कहा था कि महागठबंधन में नीतीश कुमार की वापसी कराने की कांग्रेस की कोशिशों पर तभी विचार हो सकता है जब वह भ्रष्ट आरजेडी पर अपना रुख साफ करे. त्यागी ने बताया था कि उनकी पार्टी महागठबंधन से क्यों अलग हुई. उन्होंने इसके लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया जिसने आरजेडी पर भ्रष्टाचार के आरोप होते हुए भी उसके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया. केसी त्यागी ने कहा, ‘उन पर (लालू यादव) चल रहे भ्रष्टाचार के मामलों के मुद्दे पर नीतीश कुमार राहुल गांधी के पास गए थे. लालू भ्रष्टाचार के दोषी थे और उनके उप-मुख्यमंत्री पुत्र (तेजस्वी यादव) के खिलाफ भी मामले दर्ज थे. हमें उनसे (राहुल गांधी) उम्मीद थी कि वे कुछ करेंगे.’