हैदराबाद पुलिस ने सोमवार को अवैध रूप से रह रहे दो रोहिंग्या शरणार्थियों को ग़िरफ़्तार किया है. इन पर आरोप है कि इन्होंने फ़र्ज़ी दस्तावेज़ के सहारे भारतीय पहचान हासिल करने की कोशिश की.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक ग़िरफ़्तार आरोपितों के नोम अब्दुल खैर (34) और माेहम्मद अय्यूब (32) हैं. ये 2013 में बांग्लादेश के रास्ते भारत आए थे. इसके कुछ समय बाद ये हैदराबाद आ गए. यहां इन्होंने नकली दस्तावेज़ के सहारे भारतीय पासपोर्ट हासिल कर लिया. आधार कार्ड भी बनवा लिया. साथ ही संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी आयोग में अपना पंजीयन भी करा लिया.

पुलिस के मुताबिक अब्दुल को नवंबर 2017 में भारतीय पासपोर्ट मिला था. जबकि अय्यूब को अभी हाल में आधार कार्ड हासिल हुआ है. इस आधार पर ये खुद भारतीय नागरिक बताने लगे थे. लेकिन पेश से मज़दूरी करने वाले दोनों शरणार्थियों का सच ज़्यादा दिनों तक छिपा नहीं रह सका और वे पुलिस के फंदे में फंस गए. वैसे एक अनुमान के मुताबिक हैदराबाद के अलग-अलग हिस्सों में लगभग 3,500 से 4,000 रोहिंग्या शरणार्थी रह रहे हैं.