उत्तर प्रदेश के कुख्यात अपराधी प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की बागपत जिला जेल में गोली मारकर की गई हत्या की खबर सोशल मीडिया पर आज सुबह से ही चर्चा में है. इस खबर के चलते MunnaBajrangi ट्विटर के ट्रेंडिंग टॉपिक में भी शामिल हुआ है. यहां कई लोगों ने इस हत्या को राजनीतिक साजिश बताया है. ट्विटर हैंडल ‏ @rajeevshalimar पर टिप्पणी है, ‘यह एक सोची-समझी हत्या है क्योंकि वो (मुन्ना बजरंगी) कई लोगों की असलियत उजागर कर सकता था. इसके (हत्या के) पीछे सरकार है.’

मुन्ना बजरंगी की हत्या के हवाले से सोशल मीडिया में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर कई लोगों ने सवाल खड़े किए हैं और योगी आदित्यनाथ सरकार की आलोचना की है. फेसबुक पर मोहम्मद अनस की पोस्ट है, ‘जेल के भीतर प्रेम प्रकाश सिंह ऊर्फ मुन्ना बजरंगी की हत्या यूपी में जंगलराज के चरम की निशानी है… बाहर इनकाउंटर हो रहे हैं और जेल के भीतर हत्या. कानून फिर रह ही कहां गया?’ रंजन रवि ने तंजभरी टिप्पणी की है, ‘यूपी में गजब का राम राज्य है. जेल में मुन्ना बजरंगी को दस गोली मारी गईं... ऐसे ही कारनामों के कारण योगी और मोदी विश्व में प्रसिद्ध हैं.’

सोशल मीडिया में इस खबर पर आईं कुछ और प्रतिक्रियाएं :

अमित तिवारी | facebook/amit.tiwary

मुन्ना बजरंगी को जेल में गोली मार दी गयी… यूपी में अब क्रिमिनल्स के लिये सबसे सेफ केवल विधानसभा है.

अभिषेक द्विवेदी | @dwivedi344

11 सितम्बर, 1998 : जब मुन्ना बजरंगी एनकाउंटर के बाद पंत हॉस्पिटल में चमत्कारिक ढंग से जीवित हो उठा था.

आशुतोष उज्ज्वल | facebook/ashutosh7570

बागपत जेल हाई सिक्योरिटी है, लेकिन जहां मुन्ना बजरंगी को गोली मारी गई वहां कोई सीसीटीवी नहीं है. इससे ज्यादा हाई सिक्योरिटी अग्रवाल स्वीट्स में होती है.

नीलोत्पल शुक्ला | facebook/nilotpal.shukla

बागपत के हाई सिक्योरिटी जेल में गैंगस्टर मुन्ना बजरंगी की हत्या... न सड़कों पर महिलाएं सुरक्षित न जेल में अपराधी… यूपी का बीजेपी राज.

चंचल बीएचयू | facebook/chanchal.bhu.9

जेल में कैदी की सामान्य मृत्यु भी शक के दायरे में होती है, बाकायदे उसकी आधिकारिक जांच होती है, क्योंकि कोई भी विचाराधीन कैदी हो या सजायाफ्ता, उसकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी सरकार पर होती है. यहां तो मुन्ना बजरंगी की हत्या खुलेआम जेल में और गोली मार कर की गई... देश के जो मौजूदा हालात हैं, उसमें अब तक जेल सबसे महफूज जगह थी आज वह भी सुरक्षित नहीं रही.