महाराष्ट्र के मुंबई और इसके नजदीकी इलाकों में बीते चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. शहर में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त है. कई जगहों पर बारिश का पानी भर जाने से लोकल ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने बताया है कि बीते 24 घंटों के दौरान मुंबई में 165.8 और इसके उपनगरीय इलाकों में 184.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. आईएमडी ने गुरुवार तक यहां इसी तरह भारी बारिश होने का अनुमान जताया है.

खबरों के मुताबिक भारी बारिश की वजह से कई जगहों पर लोकल ट्रेनों के ट्रैक पानी में डूब गए हैं. ऐसे में बोरीवली और विरार के अलावा नाला सोपारा जाने वाली वातानुकूलित लोकल ट्रेनों की सेवा को स्थिति सुधरने तक के लिए निलंबित कर दिया गया है. कई जगहों पर ट्रेनें देरी के साथ चल रही हैं. बारिश की वजह से घर से आॅफिसों के बीच दोपहर का भोजन पहुंचाने वाले मुंबई के डब्बेवालों ने भी मंगलवार को अपनी सेवाएं स्थगित रखने का फैसला किया है.

भारी बारिश की वजह से दादर, अंधेरी, माटुंगा, कल्याण, ठाणे, कुर्ला, सायन, मलाड जैसे इलाकों की सड़कों पर पानी भरा हुआ है. ऐसे में आईएमडी ने लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी है. बोरीवली इलाके में भारी बारिश की वजह से तीन मकानों को क्षति पहुंचने की भी खबर आई है. उधर, प्रदेश सरकार ने कहा है कि विपरीत परिस्थितियों से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन की टीमों को चौकस रहने की हिदायत दी गई है.

खबरों के मुताबिक मुंबई में भारी बारिश की वजह से एक जून से अब तक कुल 35 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं जबकि 56 लोग घायल हुए हैं. हालांकि आफत बन रही यह बारिश लोगों के लिए एक अच्छी खबर भी लाई है. अमर उजाला के मुताबिक मानसून की तेज बारिश से यहां की ‘तुलसी झील’ पानी से लबालब भर गई है. तुलसी झील के अलावा भातसा, मध्य वैतरणा, तानसा और मोढक सागर जैसी झीलों और तालाबों के जरिये मुंबई के लोगों को हर रोज करीब 3750 लाख लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है.

इस बीच आईएमडी ने केरल के लिए भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. आईएमडी का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटों के भीतर राज्य के विभिन्न इलाकों में 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने के साथ यहां 12 से 20 सेंटीमीटर तक की बारिश हो सकती है. ऐसे में केरल के तटीय इलाकों के अलावा लक्ष्यदीप के लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. राहत और बचाव दलों को किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए हर वक्त चौकस रहने के लिए भी कहा गया है.