मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं के बीच अफवाहों पर रोक लगाने के लिए सोशल मैसेजिंग कंपनी वाट्सएप ने एक नया फीचर शुरू किया है. इसमें यूजर को यह जानकारी दी जाएगी कि कौन सा मैसेज फॉरवर्डेड है और कौन सा मौलिक. अपने बयान में कंपनी ने कहा है कि इस फीचर से लोग जान सकेंगे कि जो मैसेज उन्हें मिला है वह उनके किसी परिचित ने खुद लिखा है या किसी और ने. वाट्सएप के मुताबिक यूजर स्पैम यानी फर्जी मैसेज को रिपोर्ट भी कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उससे सीधे संपर्क भी कर सकते हैं. कंपनी का यह भी कहना है कि एप के लेटेस्ट वर्जन को डाउनलोड करने के बाद ही यूजर्स को यह सुविधा मिलेगी.

इससे पहले सोशल मीडिया पर फेक न्यूज या झूठी जानकारियों पर लगाम लगाने के लिए वाट्सएप ने कल देश के तमाम अखबारों में एक विज्ञापन भी दिया था. इसमें उसने कुछ टिप्स के जरिये बताया है कि यूजर्स कैसे फेक न्यूज या किसी गलत जानकारी को पकड़ या उसे शेयर करने से बच सकते हैं. हाल में बच्चा चोरी की अफवाहों के चलते देश के कई हिस्सों में भीड़ द्वारा निर्दोष लोगों की हत्या के मामले सामने आए हैं. ये अफवाहें वाट्सएप के जरिये ही फैलाई गई थीं. हत्याओं और लोगों के बीच लगातार बढ़ रहे डर को देखते हुए सरकार ने भी वाट्सएप को चेतावनी दी थी.

वाट्सएप का कहना है कि मॉब लिंचिंग की हालिया घटनाओं से वह भी चिंतित है. कंपनी ने इस बारे में तेजी से कार्रवाई करने का वादा किया है. हालांकि अधिकारियों का आरोप है कि इस मामले में उसने गैर-जिम्मेदाराना रवैया दिखाया है. उनका कहना है कि कंपनी अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही से बच नहीं सकती. इस पर वाट्सएप का कहना है कि कंपनी यूजर्स की निजता को ध्यान में रखते हुए उनके मैसेज नहीं पढ़ती.

क्या हैं टिप्स?

- अगर संदेश पर यकीन नहीं है तो उसके बारे में पता लगाएं.

- डराने या भड़काऊ जानकारी को शेयर करने से पहले दो बार सोचें.

- फेक न्यूज या झूठे संदेशों में वर्तनी (स्पेलिंग) की गलतियां होती हैं. उन पर गौर करने पर भी जानकारी के सही या गलत होने का पता लगाया जा सकता है.

- तस्वीरों और वीडियो पर जल्दी भरोसा होता है. लेकिन उन्हें संपादित और भ्रामक तरीके से पेश किया जा सकता है. इसलिए यह देखना न भूलें कि संबंधित तस्वीर या वीडियो किस घटना का है.

- कई बार जानी-मानी वेबसाइटों के नाम पर गलत जानकारी दी जाती है, लेकिन उनमें भी भाषाई गलतियां होती हैं.

- जो खबर आपसे शेयर की गई है उसके बारे में दूसरी वेबसाइटों पर देखें. पता करें कि वहां इस बारे में क्या बताया गया है.

- अगर कोई ठोस आधार न मिले तो उस खबर को शेयर न करें.

- वाट्सएप पर आप किसी भी नंबर को ब्लॉक कर सकते हैं या किसी भी ग्रुप को छोड़ सकते हैं. (गलत जानकारी के संबंध में) इन फीचरों का इस्तेमाल करें.

- एक ही संदेश के बार-बार आने पर ध्यान न दें. एक ही जानकारी कई बार दोहराए जाने से वह सच नहीं हो जाती.