उम्र बढ़ने को आम तौर पर जीवन की गुणवत्ता के बेहतर होने से जोड़ कर देखा जाता है. एक उम्र के बाद हम अपने काम में और अच्छे हो चुके होते हैं, पैसे का सही इस्तेमाल करना सीख चुके होते हैं और अपनों के साथ हमारे रिश्ते भी गहरे होने लगते हैं. समय और अभ्यास के साथ जैसे-जैसे हम चुनौतियों से निपटने के नए तरीके और रास्ते निकालना सीख लेते हैं, हमारी ज़िंदगी लगभग सभी स्तरों पर बेहतर होने लगती है. लेकिन एक चीज़ है जो अक्सर उम्र के साथ बेहतर होने के बजाय खराब होती बताई जाती है - हमारी सेक्स लाइफ.

यह बात आम धारणा से तो मेल खाती है कि सेक्स सिर्फ युवाओं के लिए है, लेकिन इस तथ्य के उलट चली जाती है कि बढ़ती उम्र के जोड़े अपनी सेक्शुऐलिटी को और बेहतर तरीके से समझना और उसका आनंद लेना जारी रखते हैं. 60 पार के अधिकतर अमेरिकन जोड़े सेक्शुअली एक्टिव हैं. इनमें से ज़्यादातर महीने में कम से कम दो से तीन बार इसका आनंद लेते हैं जोकि यहां के कई युवा जोड़ों से ज़्यादा है. इन लोगों के मुताबिक सेक्स उऩकी ज़िंदगी का एक बेहद ज़रूरी हिस्सा है.

अगर उम्र बढ़ने से सेक्स करने की इच्छा में कोई कमी नहीं आती तो फिर उम्रदराज जोड़ों की सेक्स लाइफ की गुणवत्ता में गिरावट क्यों आनी चाहिए? इस सवाल का एक आम जवाब यह हो सकता है कि बढ़ती उम्र के साथ शारीरिक स्वास्थ्य और सेक्शुअल फंक्शनिंग में कमी देखने को मिलती है. दूसरा जवाब हो सकता है कि हमारी सेक्स लाइफ की गुणवत्ता उम्र के साथ कतई कम नहीं होती.

सेक्स और उम्र बढ़ने पर शोध

एक खास चीज़ है जो सेक्स और उम्र बढ़ने पर किए गए लगभग सभी शोधों से गायब है, वह है वक्त के साथ आने वाले बदलावों का अध्ययन. अगर हम लोगों के एक समूह से यह सवाल करें कि वे अपनी सेक्स लाइफ से कितने संतुष्ट हैं, और अगर युवा लोग खुद को उम्रदराज़ लोगों से अधिक संतुष्ट बताएं तो क्या यह मान लिया जाए कि उम्र का फर्क ही इसके लिए ज़िम्मेदार है? ऐसा भी तो हो सकता है कि 1930 के दशक में पैदा हुए लोगों का सेक्स पर नज़रिया उन लोगों से अलग है जो 60 और 70 के दशक में या उसके बाद पैदा हुए हैं?

उम्र का बढ़ना सेक्शुअल लाइफ की गुणवत्ता को कैसे प्रभावित करता है, यह समझने के लिए हमने 18 सालों तक 20 से 93 साल की उम्र के 6000 लोगों के आंकड़े इकट्ठे कर इसे समझने की कोशिश की. साल 1995, 2004 और 2013 में अंग्रेज़ी बोलने वाले कई अमेरिकियों को हमने चुने गए सवालों का एक काफी विस्तृत सा सर्वे भेजा. इनमें से एक मुख्य सवाल था: आप मौजूदा समय में अपने सेक्स जीवन का मूल्यांकन एक से दस के स्केल पर कैसे करेंगे? अगर किसी और कारण पर ध्यान न दिया जाए तो आंकड़े मूल रूप में यही साबित कर रहे थे कि उम्र बढ़ने के साथ सेक्स लाइफ की गुणवत्ता कम हो जाती है. लेकिन देखा गया कि शोध में शामिल लोग जैसे-जैसे उम्रदराज हुए, उन्होंने सेक्स की संख्या से ज़्यादा उसकी गुणवत्ता को महत्व दिया. बढ़ती उम्र में सेक्स कितनी बार किया गया यह महत्वपूर्ण नहीं रहा बल्कि उसे किस तरह से किया गया यह महत्वपूर्ण हो गया.

प्राथमिकताओं के इसी अंतर से उम्रदराज़ जोड़ों की सेक्स लाइफ की गुणवत्ता के बारे में काफी कुछ पता चलता है. जब हमने युवा और उम्रदराज़ लोगों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उनकी सेक्स लाइफ की कुछ खास विशेषताओं का मिलान किया, तो देखने को मिला कि उम्रदराज़ लोगों की सेक्स लाइफ युवाओं की अपेक्षा बेहतर थी.

इसे इस तरह से भी समझ सकते हैं कि अगर हम एक 40 साल और एक 50 साल के व्यक्ति की बात करें, जिनका अपनी सेक्स लाइफ पर लगभग एक सा नियंत्रण है, जो सोच और प्रयास के स्तर पर सेक्स में लगभग बराबर निवेश कर रहे हैं, जिनकी सेक्स करने की फ्रीक्वेंसी लगभग बराबर है और पिछले एक साल में जिनके सेक्स पार्टनर्स की संख्या भी बराबर रही है, तो ऐसे में 50 की उम्र वाले व्यक्ति की सेक्स लाइफ को अधिक संतोषजनक माना जाएगा.

यह जीवन के बाकी उन क्षेत्रों की तरह ही है जिनमें उम्र के साथ सुधार होता रहता है. उम्र के साथ एक व्यक्ति को अपने और अपने पार्टनर की सेक्स से जुड़ी पसंद-नापसंद के बारे में काफी पता चल जाता है, जिसका फायदा दोनों को मिलता है. बढ़ती उम्र और बेहतर सेक्स लाइफ के बीच सकारात्मक संबंध उन लोगों के लिए ज़्यादा था जिनके रिश्तों में प्रेम और रोमांस बरकरार था, जहां सेक्शुऐलिटी को और समझने की कोशिश जारी थी और अपने पार्टनर को खुश रखना प्राथमिकता बनी हुई थी.

ये सब निष्कर्ष बताते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारी सेक्स से जुड़ी प्राथमिकताएं बदलती हैं, और हम इस बारे में नई चीज़ें सीखते हैं जो उम्र बढ़ने पर हमारी सेक्स लाइफ की गुणवत्ता कम होने से रोकती हैं. अक्लमंदी क्या है? ‘अनुभव, ज्ञान और सही निर्णय लेने की क्षमता’. हमारा शोध कहता है कि सेक्स लाइफ से जुड़ी अक्लमंदी अनुभव से आती है.

ये एक अच्छी खबर है क्योंकि एक अच्छी सेक्स लाइफ अच्छे स्वास्थ्य के लिए भी ज़रूरी है. खास तौर से बढ़ी हुई उम्र में अच्छी सेक्स लाइफ का मतलब है लंबे और स्वस्थ जीवन की उम्मीद.


मिनेसोटा विश्वविद्यालय में काम करने वालीं मिरी फोर्ब्स, रॉबर्ट क्रूगर और न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय में काम करने वाले निकोलस ईटन के द कन्वर्सेशन पर छपे लेख का भावानुवाद