2010 में चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुए बम ब्लास्ट के तीन आरोपितों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक अदालत ने दोषी ठहराते हुए सात साल की सजा सुनाई है. इसके तहत इन्हें एक साल कठोर कारावास की सजा भी भुगतनी होगी. इसके अलावा खोमनी और हसन पर 7.5 लाख रुपये और अख्तर पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक ये तीनों आरोपित - गौहर अज़ीज़ खोमनी, कमाल हसन और मोहम्मद कफील अख्तर इंडियन मुजाहिद्दीन के सदस्य थे. ये तीनों मुकदमे की सुनवाई के दौरान छह साल और एक महीने की सजा पहले ही काट चुके हैं. अब इन्हें अदालत के फैसले के अनुसार 11 महीने और जेल में रहना होगा.

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) क्रिकेट मैच के दौरान 17 अप्रैल, 2010 को चिन्नास्वामी स्टेडियम में ब्लास्ट हुआ था. इसके लिए स्टेडियम के प्रवेश द्वार पर पांच बम लगाए गए थे. इनमें से दो में विस्फोट हुआ था, जबकि तीन को बाद में निष्क्रिय कर दिया गया था. इन बम धमाकों में पांच सुरक्षाकर्मियों सहित 15 लोग घायल हो गए थे.