मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर जूलियो रिबेरो, पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह और 41 पूर्व नौकरशाहों ने केंद्र सरकार से विमानन मंत्री जयंत सिन्हा को मंत्रिमंडल से निकालने की मांग की है. जयंत सिन्हा ने भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या (मॉब लिंचिंग) के एक मामले के दोषियों का सम्मान किया था. इसी को लेकर उनके निष्कासन की मांग की गई है.

डेक्कन क्रॉनिकल की खबर के मुताबिक एक सार्वजनिक बयान में इन पूर्व लोकसेवकों ने कहा है कि जयंत सिन्हा के हत्या के दोषियों का सम्मान करने से यह संदेश गया है कि देश में अल्पसंख्यकों की हत्या करने का लाइसेंस मिला हुआ है और ऐसा करने वालों को आर्थिक, कानूनी और राजनीतिक समर्थन प्राप्त है. साथ ही इस बयान में कहा गया है, ‘केंद्रीय मंत्री ने ऐसे आपराधिक मामले पर सवाल खड़ा किया है जिसकी जांच खुद उनकी पार्टी की सरकार ने प्रशंसनीय ढंग से की है. हम जानना चाहते हैं कि सरकार इस पर क्या कदम उठाएगी. हम मांग करते हैं कि जयंत सिन्हा को मंत्रिमंडल से निष्कासित किया जाए और उनकी पार्टी देश से माफी मांगे.’

क्या है मामला

यह विवाद तब शुरू हुआ जब जयंत सिन्हा ने मोहम्मद अलीमुद्दीन (55) नाम के एक मीट कारोबारी की हत्या के आठ दोषियों को अपने घर बुलाकर उनका सम्मान किया. सिन्हा ने उन्हें मालाएं पहनाईं, मिठाई खिलाई और तस्वीरें भी खिचवाईं. रिपोर्टों के मुताबिक आरोपितों में भाजपा का एक नेता भी शामिल है. पिछले साल एक अदालत ने इन लोगों को दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई थी. लेकिन कुछ दिन पहले रांची हाई कोर्ट ने इनकी सजा पर रोक लगाकर जमानत दे दी थी. इसके बाद ये सभी जयंत सिन्हा के घर पहुंचे थे.

उधर, अपने बचाव में जयंत सिन्हा का कहना था कि वे इस घटना की जांच से संतुष्ट नहीं है इसलिए उन्होंने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की हैं. इसके साथ ही उनका कहना था, ‘कानून अपना काम करेगा. जो दोषी हैं उन्हें सजा मिलेगी और जो निर्दोष होंगे वे मुक्त हो जाएंगे.’