भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह गुरुवार 12 जुलाई को बिहार जा रहे हैं. वे पटना के राज्य अतिथि गृह में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ नाश्ता करेंगे. इसके बाद शाम को मुख्यमंत्री के आधिकारिक निवास पर रात्रिभोज भी.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अमित शाह और नीतीश कुमार की यह मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि जेडीयू (जनता दल-एकीकृत) और भाजपा के बीच अनबन की ख़बरें पिछले कुछ समय से लगातार आ रही हैं. जेडीयू के प्रवक्ता खुले तौर पर कई बार जोर देकर कह चुके हैं कि अगले साल होने वाले लोक सभा चुनाव में उनकी पार्टी को गठबंधन (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन-एनडीए) में सबसे ज़्यादा सीटें मिलनी चाहिए. जेडीयू जल्द से जल्द सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप देने का भाजपा पर दबाव बनाए हुए है.

एनडीए के पास फिलहाल बिहार की 40 में से 31 सीटें हैं. इनमें से 2014 में 22 भाजपा ने और छह तथा तीन क्रमश: लोकजनशक्ति पार्टी और राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी ने जीती थीं. उस समय जेडीयू एनडीए का हिस्सा नहीं थी. उसने सिर्फ दो सीटें जीती थीं. इसीलिए अब उसे अधिक सीटें देने की उसकी मांग मानना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है. हालांकि इसके बावज़ूद बिहार भाजपा के अध्यक्ष नित्यानंद राय कहते हैं, ‘शाह के नेतृत्व में भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनी है. उनकी बिहार यात्रा भी इस बार ऐसी ही एेतिहासिक होगी.’