‘जियो इंस्टीट्यूट को मिला इंस्टिट्यूशन आॅफ इमिनेंस का दर्जा सशर्त है’

— आर सुब्रमण्यम, केंद्रीय उच्चतर शिक्षा विभाग के सचिव

केंद्रीय उच्चतर शिक्षा विभाग के सचिव आर सुब्रमण्यम का यह बयान मंगलवार को ताजा विवाद की सफाई देते हुए आया. सोमवार को केंद्र सरकार ने अभी तक केवल कागज पर मौजूद जियो इंस्टीट्यूट को ‘इंस्टीट्यूशन आॅफ इमिनेंस का दर्जा दे दिया था जिसकी काफी आलोचना हो रही है. लेकिन आर सुब्रमण्यम ने कहा है, ‘नियमों के तहत इस दर्जे की तीन श्रेणियां हैं. पहली श्रेणी के तहत सरकारी संस्थानों को रखा जाता है जबकि दूसरी श्रेणी में निजी संस्थान आते हैं. वहीं अंतिम श्रेणी उन संस्थानों के लिए है जो निजी क्षेत्र के निर्माणाधीन संस्थान हैं.’ इस अधिकारी के अनुसार जियो को यह दर्जा इसलिए मिला है क्योंकि उसने भारी निवेश से एक विश्वस्तरीय संस्थान बनाने का वादा किया है.

 ‘होमोसेक्सुएलिटी सामान्य आदत नहीं है और यह देश की सुरक्षा के लिए खतरा भी है.’  

— सुब्रमण्यम स्वामी, भाजपा नेता

सुप्रीम कोर्ट में होमोसेक्सुअल संबंधों को जुर्म मानने वाले कानून की समीक्षा शुरू होने के बीच भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने मंगलवार को यह बयान दिया है. उन्होंने कहा, ‘यह (होमोसेक्सुएलिटी) सामान्य चीज नहीं है. ये सब अमेरिकी आदतें हैं. इसके पीछे काफी पैसा खर्च किया जा रहा है. वे हमारे देश में गे बार खोलना चाहते हैं ताकि उसकी आड़ में बच्चों का शोषण किया जा सके.’ सुब्रमण्यम स्वामी ने आगे कहा, ‘ऐसा करने से एचआईवी के मामले काफी बढ़ जाएंगे. इसलिए यह हमारी सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है.’ इसके साथ स्वामी ने कहा है, ‘हालांकि हम होमोसेक्सुअल लोगों के सामान्य आर्थिक जीवन का समर्थन करते हैं पर उन्हें इसका जश्न मनाने की अनुमति नहीं दे सकते.’ स्वामी के मुताबिक, ‘ऐसे लोगों को ठीक करने के लिए हमें मेडिकल रिसर्च पर निवेश करना चाहिए.’ उन्होंने कहा है कि यदि सुप्रीम कोर्ट इसे सामान्य मानता है तो केंद्र को सात या नौ जजों की खंडपीठ बनाने की मांग करनी चाहिए.


‘जीएसटी में एकमात्र स्लैब का सुझाव एक बकवास है.’  

— पीयूष गोयल, प्रभारी केंद्रीय वित्त मंत्री

प्रभारी केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल का यह बयान मंगलवार को विपक्षी दलों की इस मांग के बाद आया कि जीएसटी में अभी के चार के बजाय केवल एक स्लैब होना चाहिए. भाजपा नेता ने इस बारे में कहा, ‘जीएसटी में एकमात्र स्लैब कर देने से गरीब और मध्यम वर्ग पर बोझ काफी बढ़ जाएगा. ऐसा इसलिए कि तब नमक, चीनी, कपड़े जैसी वस्तुओं पर 18 फीसदी का उच्च कर लगेगा.’ उन्होंने कहा कि यह सुझाव पूर्ववर्ती यूपीए सरकार का था लेकिन इसे मंजूर नहीं किया गया. उन्होंने दावा भी किया कि यदि ऐसा किया जाता तो जीएसटी का ढांचा काम नहीं कर पाता.


‘नरेंद्र मोदी के प्रयासों से दक्षिण कोरिया के साथ भारत के संबंधों को मजबूती मिली है.’  

— मून जे-इन, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन का यह बयान मंगलवार को भारत दौरे पर आया. भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय बातचीत पूरी होने के बाद नई दिल्ली में उन्होंने कहा, ‘हम भारतीय प्रधानमंत्री के 2020 में दक्षिण कोरिया के दौरे का इंतजार कर रहे हैं.’ मून जे-इन ने इस दौरान बताया कि पिछले 45 साल में भारत और दक्षिण कोरिया के द्विपक्षीय संबंध कई क्षेत्रों में विकसित हुए हैं. उन्होंने बताया, ‘2015 में भारतीय प्रधानमंत्री के दक्षिण कोरिया दौरे के समय दोनों देशों के संबंध एक विशेष रणनीतिक साझेदारी तक पहुंच गए थे.’ मून जे-इन ने आगे कहा, ‘उसके बाद के तीन सालों में भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ और हमारी ‘न्यू सदर्न’ नीति के चलते भारत दक्षिण कोरिया का प्रमुख सहयोगी बन गया है.’ इस दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण कोरिया की तारीफ करते हुए कहा कि मेक इन इंडिया मुहिम के तहत उसके प्रयासों से भारत में रोजगार के काफी अवसर पैदा हुए हैं.