फीफा विश्व कप 2018 के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में फ्रांस ने बेल्जियम को 1-0 से हरा फाइनल में जगह बना ली है. इसके साथ ही बेल्जियम का पहली बार विश्व कप फाइनल में पहुंचने का सपना भी टूट गया. फ्रांस तीसरी बार फीफा विश्व कप के फाइनल में पहुंचा है. वह 1998 में फीफा विश्व कप की मेजबानी करते हुए ख़िताब भी जीत चुका है. फाइनल में फ्रांस का मुकाबला बुधवार को खेले जाने वाले क्रोएशिया और इंग्लैंड के दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से होगा.

सेंट पीट्सबर्ग में मंगलवार को खेले गए मुकाबले में दोनों टीमों ने तेज गति का खेल दिखाया लेकिन आखिरकार बाजी फ्रांस के हाथ लगी. क्वार्टर फाइनल में ब्राजील को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में पहुंची बेल्जियम शुरुआत में काफी आक्रामक होकर खेली. वहीं सतर्कता के साथ खेल रहे फ्रांस ने धीरे-धीरे अपने खेल की गति बढ़ाई और कई बेहतरीन हमले किए. लेकिन पहले हाफ में दोनों टीमों में कोई गोल नहीं कर सकीं.

दूसरे हाफ की शुरुआत में भी आक्रामक खेल देखने को मिला. दोनों टीमों के खिलाड़ी अपनी तय पोजीशन में खेलने के साथ ही गोल की तलाश में आगे निकल रहे थे. हालांकि बेल्जियम के स्ट्राइकर लुकाकू मैच में वैसा जादूू नहीं बिखेर पाए जिसके लिए वे जाने जाते हैं. बेल्जियम के लिए एडन हेजार्ड ने जरूर अच्छे मूव बनाए लेकिन वे भी गोल नहीं कर सके.

दूसरी तरफ फ्रांस के बेहद तेज गति के खिलाड़ी एमबापे ने बेल्जियम की ओर से की गई लगातार मार्किंग के बावज़ूद कई मौकों पर अपनी तेज गति का फायदा उठाया. खेल के 51 वें मिनट में फ्रांस को कॉर्नर मिला और ग्रीजमैन के बेहतरीन किक पर उमतीती ने हैडर से गोल दाग फ्रांस को 1-0 की बढ़त दिला दी. उमतीती खुद को मार्क कर रहे लंबे कद के खिलाड़ी फेलानी को छकाकर बॉक्स में उनसे आगे निकल आए और गेंद को नेेट में उलझा दिया. मैच में 1-0 से आगे होने के बाद भी फ्रांस ने हमल जारी रखे.

बेल्जियम को बराबरी का एक मौका तब मिला जब फेलानी ने गोल की तरफ एक हेडर लगाया लेकिन गेंद गोल के करीब से निकल गई. मैच के 81 वे मिनट में विटसेल ने एक जोरदार शॉट लगाकर फिर बेल्जियम के लिए मौका बनाया लेकिन फ्रांस के गोलकीपर लोरिस ने बेहतरीन बचाव किया. खेल के चौथे क्वार्टर में बेल्जियम के खिलाड़ियों के कंधे झुकने लगे थे. इसका फायदा उठा बराबरी तलाश कर रही बेल्जियम के खिलाफ फ्रांस ने कई बेहतरीन मौके बनाए. हालांकि बेल्जियम के गोलकीपर कोर्टोइस ने कई शानदार बचाव कर टीम को मुकाबले में बनाए रखा.

कोर्टोइस कई बार फ्रेंच हमलों के सामने दीवार बने, नहीं तो बेल्जियम की हार 1-0 से ज्यादा बड़ी भी हो सकती थी. फ्रांस के गोलकीपर हूयगो लोरिस ने भी बेहतरीन खेल दिखाकर अपनी टीम को गोल नहीं खाने दिया. बेल्जियम की टीम ने इस विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया है. ब्राजील को हराने के बाद उसे खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा था. लेकिन फ्रांस के साथ इतिहास था. विश्व कप के इतिहास में फ्रांस और बेल्जियम के बीच यह तीसरी भिड़ंत थी और तीनों ही बार जीत फ्रांस के हाथ लगी है.