मद्रास हाई कोर्ट ने सीबीएसई को इस साल नीट देने वाले उन परीक्षार्थियों को 196 अतिरिक्त अंक देने का आदेश दिया है जिन्होंने यह परीक्षा तमिल भाषा में दी थी. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. अदालत ने सीबीएसई से कहा है कि यह काम करने के बाद वह बदली हुई रैंकिंग जारी करे. इसके लिए उसे दो हफ्ते का वक्त दिया गया है. इस मामले में सीपीएम सांसद टीके रंगराजन ने याचिका दायर की थी. उनका कहना था कि प्रश्नपत्र में 49 सवाल ऐसे थे जिनका तमिल में गलत अनुवाद किया गया था.

उधर, कारोबार में आसानी (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) के मामले में इस बार आंध्र प्रदेश राज्यों के बीच अव्वल रहा है. यह खबर भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. बीते साल की सूची में वह तेलंगाना के साथ संयुक्त रूप से पहले नंबर रहा था. इस सूची में तेलंगाना को इस बार दूसरा और हरियाणा को तीसरा स्थान मिला है. वहीं, दिल्ली सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल है. उसे सूची में 23वां स्थान मिला है. सबसे आखिर में मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और लक्षद्वीप 34वें पायदान पर हैं.

दिल्ली : फीस न चुकाने को लेकर पांच साल तक की 59 बच्चियों को बेसमेंट में बंधक बनाया

दिल्ली में फीस न चुकाने को लेकर चार से पांच साल की बच्चियों को बेसमेंट में बंधक बनाकर रखने का मामला सामने आया है. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना पुरानी दिल्ली स्थित राबिया गर्ल्स पब्लिक स्कूल में हुई. मंगलवार दोपहर को जब अभिभावक बच्चों को लेने आए तो 59 बच्चियां नहीं मिलीं. बताया जाता है कि स्कूल प्रशासन ने उन्हें बेसमेंट में बंद कर रखा था. इस बेसमेंट में बच्चियों का गर्मी और भूख प्यास से बुरा हाल था. अभिभावकों की शिकायत पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. साथ ही, दिल्ली सरकार ने भी मामले की जांच के आदेश दिए हैं. वहीं, स्कूल का कहना है कि बच्चियों को जहां रखा गया था वह तहखाना नहीं बल्कि, एक्टिविटी रूम था. वहां हवा और रोशनी का पूरा इंतजाम है. उधर, अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने पहले ही फीस जमा कर दी थी.

फेसबुक ने चुनाव आयोग को भरोसा दिया है कि वह फर्जी खबरों पर रोक लगाएगा

सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों की बाढ़ के बीच फेसबुक ने चुनाव आयोग को भरोसा दिया है कि वह अपने नेटवर्क के जरिए इन पर रोक लगाएगा. दैनिक जागरण ने इस खबर को पहले पन्ने पर जगह दी है. अखबार के मुताबिक फेसबुक एक ऐसा सिस्टम लागू कर रहा है जो खुद इसे सत्यापित कर पाएगा. साथ ही, चुनावी प्रचार कंटेंट को आयोग के पास भी जांच के लिए भेजा जाएगा. बताया जाता है कि फर्जी कंटेट मिलने पर संबंधित फेसबुक अकाउंट को ब्लॉक भी किया जा सकता है. इससे पहले चुनाव आयोग ने फेसबुक से फर्जी खबरों को रोकने के लिए कदम उठाने को कहा था.

एलआईसी को आईडीबीआई बैंक के शेयरधारकों के लिए खुली पेशकश लानी होगी

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को अधिग्रहण संहिता के मामले में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की ओर से किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी. इस लिहाज से अब एलआईसी को आईडीबीआई बैंक के शेयरधारकों के लिए खुली पेशकश लानी होगी. नियमों के तहत किसी सूचीबद्ध कंपनी में 25 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी के अधिग्रहण पर खुली पेशकश लाई जाती है. बिजनेस स्टैंडर्ड की खबर की मानें तो इस नियम के तहत शेयर खरीदने वाली कंपनी को अतिरिक्त शेयर खरीदने के लिए मौजूदा शेयरधारकों के सामने अनिवार्य रूप से पेशकश करनी होती है. इसका मकसद शेयरधारकों को कंपनी से बाहर निकलने का मौका देना होता है. माना जाता है कि प्रबंधन में बदलाव से निवेशकों का जोखिम बढ़ सकता है. फिलहाल आईडीबीआई बैंक में सरकार की 80.96 फीसदी और एलआईसी की 10.82 फीसदी हिस्सेदारी है.

कांग्रेस ने लोकसभा के साथ विधानसभा चुनावों को करवाने के प्रस्ताव को खारिज किया

कांग्रेस ने लोकसभा के साथ विधानसभा चुनावों को करवाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. हिन्दुस्तान में प्रकाशित खबर के मुताबिक पार्टी ने इसे संवैधानिक ढांचे के खिलाफ करार दिया है. साथ ही, उसने मोदी सरकार की नीयत पर भी सवाल उठाए हैं. कांग्रेस का कहना है कि एक देश-एक चुनाव का मकसद अधिकतर राज्यों में लंबे वक्त तक राष्ट्रपति शासन रखना है. पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने इस बारे में कहा, ‘इसका मकसद केवल हलचल पैदा करना है. सरकार ने अभी तक साफ नहीं किया है कि क्या यह हमारे संघीय ढांचे का आदर करता है? क्या मतदाता के वोट के अधिकार का आदर करता है.’ साथ ही, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि संविधान निर्माताओं ने एक साथ चुनाव करवाने को अनिवार्य क्यों नहीं किया?