दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल (एलजी) अनिल बैजल पर ‘दादागिरी’ करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि एलजी मनमाने ढंग से अधिकारियों की नियुक्ति कर रहे हैं जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक मंगलवार को मनीष सिसोदिया ने कहा, ‘एलजी सेवा विभागों को मनमाने ढंग से अपने पास रख कर दादागिरी कर रहे हैं. शिक्षा निदेशक की नियुक्ति से पहले उन्हें हमसे बात करनी चाहिए थी. यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है जिसके मुताबिक एलजी को दिल्ली सरकार से तालमेल बिठाते हुए काम करना है.’

मनीष सिसोदिया की यह टिप्पणी एलजी द्वारा तीन नए आईएएस अधिकारियों की नियुक्ति किए जाने के बाद आई. इनमें एक नियुक्ति संजय गोयल की है जिन्हें दिल्ली का नया शिक्षा निदेशक बनाया गया है. उनसे पहले यह पद सौम्य गुप्ता के पास था. मनीष सिसोदिया का कहना है कि नए शिक्षा निदेशक की नियुक्ति से पहले एलजी अनिल बैजल ने सरकार से बातचीत करना भी जरूरी नहीं समझा. उधर, एलजी की तरफ से इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है. गोयल के अलावा दिल्ली नगर निगम (दक्षिण) की उपायुक्त चंचल यादव को एलजी की विशेष सचिव बना दिया गया है. इसके अलावा एन वसंतकुमार को विशेष आयुक्त (व्यापार और कर) बनाया गया है.

वहीं, मनीष सिसोदिया के आरोपों के कुछ घंटों बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर दो नए अतिरिक्त मुख्य सचिवों की नियुक्ति कर दी. मुख्य सचिव (गृह) मनोज परीदा और आनिंदो मजूमदार 1985 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. इन दोनों की नियुक्ति पर मनीष सिसोदिया ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. हालांकि दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया कि दोनों अधिकारियों की नियुक्ति काफी समय से लंबित थी.