सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ताजमहल के संरक्षण की दिशा में तेजी से प्रयास न करने को लेकर केंद्र सरकार और संबंधित प्राधिकरणों की जमकर खिंचाई की है. पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने कहा है कि इस 16वीं शताब्दी के स्मारक का संरक्षण करना एक नामुमकिन सी कवायद साबित हो गई है. एनडीटीवी के मुताबिक कोर्ट ने सरकार को यह कहते हुए फटकार लगाई कि या तो वह इसकी ठीक से देखभाल करे या फिर इसे ढहा दे. सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणियां एक याचिका पर सुनवाई के दौरान की हैं. यह याचिका इस स्मारक की उचित मरम्मत न होने के मसले पर यहां दाखिल की गई है.

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार को भी फटकार लगाई है. उसने कहा है कि राज्य सरकार स्मारक की सुरक्षा को लेकर उचित योजना बनाने में असफल रही है. इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार को स्मारक के संरक्षण को लेकर उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया है.

वहीं अदालत में इस मामले पर अपना पक्ष रखते हुए केंद्र सरकार ने कहा है कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), कानपुर द्वारा स्मारक के आसपास वायु प्रदूषण की स्थिति का आकलन किया जा रहा है और वह चार महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट जमा कर देगा. केंद्र के मुताबिक सरकार ने इस इलाके में प्रदूषण के स्रोतों का पता लगाने के लिए एक विशेष समिति भी बनाई है.