राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और इसका आनुषंगिक संगठन राष्ट्रीय मुस्लिम मंच अयोध्या में सरयू नदी के तट पर नमाज का आयोजन करने जा रहे. यहां नमाज के साथ कुरान का पाठ भी किया जाएगा. माना जा रहा है कि इस आयोजन को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार का समर्थन भी हासिल है. न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस कार्यक्रम में 1500 मुस्लिम धर्मगुरुओं के साथ-साथ कई हिंदू श्रद्धालुओं के भी भाग लेने की उम्मीद है. ये मुस्लिम धर्मगुरु अयोध्या के लगभग 200 सूफी संतों की मजारों-मकबरों का भ्रमण भी करेंगे.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक लखनऊ विश्वविद्यालय में इस्लामिक स्टडीज की प्रोफेसर और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की वरिष्ठ नेता शबाना आजमी ने कहा है कि अयोध्या को यह कहकर बदनाम किया गया है कि मुसलमानों को यहां अपने धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करने की अनुमति नहीं है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एक गलतफहमी यह भी है कि आरएसएस मुसलमानों के खिलाफ है, लेकिन यह आयोजन दुनिया को एक संदेश है कि अयोध्या हिंदू और मुसलमानों दोनों की है और आरएसएस मुसलमानों का सच्चा दोस्त है.

वहीं राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के संयोजक महिरध्वज ने न्यूज 18 से बात करते हुए कहा है कि भले ही अयोध्या में राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद का विवाद चल रहा है, लेकिन यहां मुस्लिम धर्मगुरु हिंदुओं और मुसलमानों के बीच सांप्रदायिक सौहार्द और शांति के लिए प्रार्थना करेंगे. बताया जा रहा है कि इस आयोजन में उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी और आरएसएस के नेता मुरारी दास मुख्य अतिथि होंगे.