सीबीआई की विशेष अदालत ने नेवी वॉर रूम लीक से जुड़े एक मामले में सेवानिवृत कैप्टन सलमान सिंह राठौर को सात साल के सख्त कारावास की सजा सुनाई है. इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक सलमान राठौर को सरकारी गोपनीयता कानून 1923 के तहत जासूसी का दोषी ठहराया गया. इसी मामले में एक अन्य आरोपित सेवानिवृत्त कमांडर जरनैल सिंह कालरा को बरी कर दिया गया है.

2005 की इस घटना में नौसेना के वॉर रूम और वायु रक्षा मुख्यालय से रक्षा जानकारी से संबंधित 7,000 से अधिक पेज लीक हो गए थे. इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक यह मामला तब प्रकाश में आया जब वायुसेना की खुफिया एजेंसी ने एक अधिकारी पर निगरानी रखी. इससे मिली जानकारी अधिकारियों को विंग कमांड़र एसएल सुर्वे के निवास तक ले गई जहां उन्हें एक पेन ड्राइव मिली. इसमें नौसेना के अगले 20 सालों के प्लान थे. इसके बाद नौसेना को आगाह किया गया.

नौसेना ने मामले की पड़ताल की तो पता चला कि यह जानकारी दिल्ली स्थित नौसेना के निदेशालय से लीक हुई है. इसके बाद वॉर रूम में तैनात तीन अधिकारियों को बिना मुकदमे के बर्खास्त कर दिया गया. सीबीआई ने 2006 में इस केस को अपने हाथ में लिया था. मुख्य वार रूम लीक मामले में सुनवाई अभी तक चल रही है.