देश के कई इलाक़े इन दिनों भारी बारिश की चपेट में हैं. केरल, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, असम, जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र में बादलों ने जमकर पानी बरसाया है. कई इलाकों के लिए बाढ़ की चेतावनी दी जा रही है. सड़क और रेल यातायात पर ख़ासा असर पड़ा है. घर से निकले लोग दफ़्तर नहीं पहुंच पा रहे, और जो दफ़्तर में हैं वे घर नहीं जा पा रहे. अख़बारों और टीवी चैनलों समेत सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें और वीडियो शेयर किए जा रहे हैं.

इन्हीं में से एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है. इसमें एक परिवार बारिश के पानी से भरी गली में बैठ कर चाय पी रहा है. दावा है कि यह तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस की है. तस्वीर को लेकर कहा गया है, ‘मोदी जी बनारस को क्योटो न सही वेनिस तो बना ही दिए. लेकिन तुम देशद्रेहियों को विकास दिखता ही नहीं.’

फ़ेसबुक पर यह तस्वीर अलग-अलग अकाउंटों से पोस्ट की जा रही है. कई लोग इसे प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र की मान कर शेयर कर रहे हैं. हमने जानने की कोशिश की क्या यह तस्वीर सच में वहीं की है. इस दौरान पता चला कि एक नहीं दो तस्वीरें वायरल होती रही हैं. इन दोनों ने भारत ही नहीं पाकिस्तान के लोगों को भी चक्कर में डाला हुआ है. नीचे दोनों तस्वीरों को देखा जा सकता है.

वायरल तस्वीर (बाएं) और दूसरी तस्वीर (दाएं).
वायरल तस्वीर (बाएं) और दूसरी तस्वीर (दाएं).

इन दिनों लाहौर भी बारिश के बाद जलभराव को लेकर चर्चा में है. जिस तस्वीर को बनारस की बताया जा रहा है, उसे इस पाकिस्तानी शहर का भी बता कर शेयर किया जा रहा है.

इससे पहले दूसरी तस्वीर भी पाकिस्तान में ख़ूब वायरल हो चुकी है. जुलाई 2016 में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में काफ़ी बारिश हुई थी. उस दौरान लाहौर समेत कई इलाक़े पानी में डूब गए थे. तब पाकिस्तानी ट्विटर यूज़र्स ने ‘डूबता पंजाब’ नाम से हैशटैग चलाया था. इस नाम से सर्च करने पर आपको यह तस्वीर मिल जाएगी.

लेकिन इसके बाद भी इसे सीधे-सीधे पाकिस्तान की तस्वीर बताना आसान नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि जुलाई 2016 में यह तस्वीर भारत में भी शेयर हो रही थी. उस समय इसे दिल्ली की बता कर शेयर किया जा रहा था. इसके बहाने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी और उनके समर्थकों पर निशाना साधा गया था.

दो साल पुरानी तस्वीरों का अलग-अलग जानकारियों के साथ फिर से वायरल होना शक पैदा करता है कि संभवतः यह तस्वीर बनारस की भी नहीं है. वहीं, पाकिस्तान के कई लोगों का कहना है कि यह तस्वीर भारत की है. उनका तर्क है कि तस्वीर में दिख रहे परिवार का पहनावा पाकिस्तानी पहनावे से मेल नहीं खाता. वहां इसे शेयर करने वालों को सलाह दी जा रही है कि वे पाकिस्तान की सरकार की आलोचना करें लेकिन इसके लिए भारत की तस्वीरों का सहारा न लें.

पाकिस्तान में यह तस्वीर 28 जुलाई, 2016 के आसपास वायरल हुई थी. इससे 10 दिन पहले यानी 18 जुलाई, 2016 को यह तस्वीर संदीप नाम के एक ट्विटर यूज़र ने (भारत वाले) पंजाब से शेयर की थी. लेकिन तस्वीर के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी गई थी.

ये तमाम बातें जानने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर के बनारस की होने का दावा सही नहीं लगता.