बाहरी दिल्ली के नरेला इलाके में स्थित एक सरकारी स्कूल में बुधवार को मिड-डे मील खाने के बाद 25 छात्र बीमार पड़ गए. द टाइम्स आॅफ इंडिया के मुताबिक मिड-डे मील खाने के बाद इन बच्चों को पेट दर्द की शिकायत हुई थी. इसके बाद इन्हें पास के ही सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल ले जाया गया. इस अस्पताल एक वरिष्ठ डॉक्टर के मुताबिक, ‘छात्रों की हालत खतरे से बाहर है और उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है. जल्दी ही इन बच्चों को अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है.’

दिल्ली में मिड-डे मील खाने के बाद बच्चों के बीमार पड़ने की यह एक हफ्ते के भीतर दूसरी घटना है. इससे पहले बीते शनिवार को पूर्वी दिल्ली में स्थित एक सरकारी स्कूल की दो छात्राएं स्कूलों में दिया जाने वाला यह खाना खाने के बाद बीमार पड़ गई थीं. तब उस खाने में एक मरी हुई छिपकली पाई गई थी.

सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील कार्यक्रम की शुरुआत 1995 से हुई थी. तब बच्चों को यहां कच्चा अनाज दिया जाता था. लेकिन नवंबर 2002 के बाद से पका हुआ खाना परोसे जाने की शुरुआत हुई थी. खबरों के मुताबिक तब से आज तक देश के विभिन्न राज्यों में मिड-डे मील की गुणवत्ता पर अनेक बार सवाल उठ चुके हैं, साथ ही इसे खाने के बाद छात्र-छात्राओं के बीमार पड़ने के अनेक मामले भी सामने आ चुके हैं.