उत्तर प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उन्हें उन्नाव दुष्कर्म मामले में आरोपित बनाया है. सेंगर और उनके साथियों पर एक नाबालिग लड़ककी से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप है.

द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक सीबीआई ने इस मामले में बुधवार को दूसरा आरोप पत्र दायर किया था. इसमें सेंगर को भी आरोपित माना है. उन्हें पॉक्सो एक्ट (बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने संबंधी कानून) के तहत भी आरोपित बनाया गया है क्योंकि इस मामले की पीड़िता के साथ पिछले साल जून में जब दुष्कर्म हुआ तब वह नाबालिग (17 साल की) थी. दूसरे आरोप पत्र में सेंगर की सहयोगी शशि सिंह भी आरोपित है. उस पर आरोप है कि वह दुष्कर्म के समय कमरे के बाहर पहरा दे रही थी.

सीबीआई ने पिछले सप्ताह पहला आरोप पत्र दायर किया था. उसमें कुलदीप के भाई जयदीप उर्फ अतुल सिंह सेंगर सहित पांच अन्य काे आरोपित बनाया था. उन पर हत्या और वैसी ही अन्य धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं. ग़ौरतलब है कि उन्नाव दुष्कर्म मामला इस साल अप्रैल में सामने आया था जब पीड़िता ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास के सामने ख़ुद को जलाने की कोशिश की थी. इसके बाद आठ अप्रैल को पुलिस हिरासत में उसके पिता की मौत हो गई थी.

उसी समय यह पता चला था कि बीते 10-11 महीनों से पीड़िता और उसका परिवार न्याय की तलाश में इधर-उधर भटक रहा है. लेकिन मामला चूंकि भाजपा विधायक से जुड़ा है इसलिए पुलिस इस पर ध्यान ही नहीं दे रही है. फिर इसी दौरान जब पीड़िता के पिता की मौत हुई तो यह भी सामने आया कि उनके साथ सेंगर के भाई ने बुरी तरह मारपीट की थी. इसकी वज़ह से उनकी मौत हुई. इन तमाम ख़ुलासों के बाद चौतरफा दबाव बना और राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी.