उत्तर प्रदेश में कथित तौर पर तीन तलाक दिए जाने के बाद महीने भर तक कैद रखी गई महिला की मौत हो गई है. यह घटना बरेली की है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक इस महिला को उसके परिवार ने अप्रैल में पति की कैद से छुड़ाया था. इसके बाद से उसका इलाज चल रहा था. सुप्रीम कोर्ट ने बीते साल अगस्त में तीन तलाक को गैरकानूनी घोषित कर दिया था.

महिला का नाम रजिया है. मामले में पांच मई को एफआईआर दर्ज की गई थी. इसमें रजिया के पति सहित छह लोगों को आरोपित बनाया गया है. हालांकि इनमें से अभी किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है. एसपी (ग्रामीण) सतीश कुमार ने बताया, ‘रजिया की मौत के बाद एफआईआर में आरोपितों पर धारा 304 (जिसमें गैर इरादतन हत्या का मुकदमा चलता है) भी लगा दी गई है.’

रजिया के घरवालों का आरोप है कि उसका पति नईम खान दहेज के लिए उसके साथ मारपीट करता था. एएनआई के साथ बातचीत में रजिया की बहन तारा बी ने कहा, ‘अप्रैल ने नईम ने उसे फोन पर तलाक दे दिया था. इसके कुछ दिन बाद वो घर आया और उसने रजिया को घर के ही एक छोटे से कमरे में बंद कर दिया. न उसे खाना दिया न पानी. तारा बी के मुताबिक एक महीने बाद नईम रजिया को किसी और रिश्तेदार के यहां ले गया और वहां भी उसे कैद करके रखा. बाद में एक एनजीओ की मदद से उसे बचाया गया. डॉक्टरों के मुताबिक रजिया को एनीमिया की गंभीर समस्या हो गई थी.