कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में उस वक्त बड़ी हवाई दुर्घटना टल गई जब निजी विमानन कंपनी इंडिगो के दो विमान बीच आसमान में आपस में टकराने से बच गए. यह घटना मंगलवार को ही हुई थी. इसका ख़ुलासा अब हुआ है जब इंडिगो ने इस घटना की जानकारी विमानन नियामक डीजीसीए (नागरिक उड्‌डयन निदेशालय) को दी.

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इंडिगो ने इस बाबत गुरुवार को एक बयान भी जारी किया. इसमें बताया गया कि कोयंबटूर से हैदराबाद जा रही इंडिगो की उड़ान संख्या 6ई 779 को हवाई यातायात नियंत्रक (एटीसी) ने 36 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरने को कहा था. उधर बेंगलुरु से कोच्चि के लिए इंडिगो की ही एक अन्य उड़ान 6ई 6505 को एटीसी ने 28 हजार फीट पर उड़ने के निर्देश दिए थे. लेकिन निर्देश के अनुसार तय ऊंचाई पर उड़ान न भरने से यह दोनों विमान लगभग आमने-सामने आ गए.

बताया जाता है कि इनमें से एक विमान 27,300 और 27,500 फीट की ऊंचाई पर था. यानी लंबवत (वर्टिकल) स्थिति में उनके बीच फासला सिर्फ 200 फीट रह गया था और वह भी तब जबकि दोनों विमानों के बीच की दूरी सिर्फ चार मील थी. लिहाज़ा तुरंत ट्रैफिक एलर्ट और कोलिजन अवाइडेंस सिस्टम (टीसीएएस) को सक्रिय किया गया. इससे इस हादसे को टालने में मदद मिल सकी.

वैसे यह पहली बार नहीं है जब बीच आसमान में इंडिगो के साथ ऐसी स्थिति बनी है. इसी साल मई में ढाका के उड़ान क्षेत्र में इंडिगो और एयर डेक्कन के विमान आपस में टकराने से बचे थे. इसके अलावा बीते महीने उत्तर प्रदेश के वाराणसी हवाईअड्डे के रनवे पर भी इंडिगो और स्पाइस जेट के विमान आपस में टकराते-टकराते रह गए थे.