कल सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल के संरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार की आलोचना की थी और आज इस पर केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री महेश शर्मा का सफाई देते हुए एक बयान आया है. एएनआई के मुताबिक गुरुवार को पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए महेश शर्मा ने कहा है, ‘मैं आप सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि ताजमहल के ढांचे को कोई खतरा नहीं है. इसके मूल रंग में भी कोई बदलाव नहीं आया है.’ उन्होंने आगे कहा कि इस संबंध में केंद्र सरकार जल्दी ही सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक शपथपत्र प्रस्तुत करेगी.

केंद्रीय मंत्री के इस बयान से एक दिन पहले ही बुधवार को ताजमहल के संरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार और इससे जुड़े प्राधिकरणों को कड़ी फटकार लगाई थी. साथ ही इस मुद्दे पर तल्ख टिप्पणी करते हुए जस्टिस मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा था कि सरकार इस ऐतिहासिक स्मारक की अच्छी तरह देखभाल करे और अगर वह ऐसा नहीं कर सकती तो फिर इसे ढहा दे.

ताजमहल संरक्षण को लेकर पर्यावरणविद् एमसी मेहता की तरफ से लगाई गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के अलावा इससे जुड़ी अन्य एजेंसियों पर पहले भी तल्ख टिप्पणियां कर चुका है. इसी साल मई में शीर्ष अदालत ने भारत पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को ताजमहल की ठीक से देखभाल न करने के लिए फटकार लगाई थी. इससे पहले फरवरी व मार्च महीनों में उत्तर प्रदेश सरकार को इस स्मारक के निकटवर्ती इलाकों में प्रदूषण नियंत्रण पर गंभीरता बरतने को कहा था. इसी कड़ी में शीर्ष अदालत ने ताजमहल के नजदीक स्थित एक बहुमंजिला कार पार्किंग को तोड़ने के आदेश भी दिए थे.