भारत द्वारा अमेरिका से कच्चा तेल आयात करने में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है. वहीं, पिछले साल के मुकाबले इस साल अब तक करीब दोगुना कच्चा तेल अमेरिका से आयात किया जा चुका है. रॉयटर्स के मुताबिक इस बढ़ोतरी को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी से जोड़ कर देखा जा रहा है जिसमें उन्होंने ईरान से तेल कारोबार बंद नहीं करने की सूरत में भारत पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने की बात कही थी.

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर में सरकार के ताजा आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि कच्चे तेल की आपूर्ति के मामले में अमेरिका भारत के लिए एक बड़ा निर्यातक बन चुका है. रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई के अंत तक अमेरिकी तेल उत्पादक और व्यापारी भारत को डेढ़ करोड़ बैरल से ज्यादा कच्चा तेल निर्यात कर देंगे. जबकि पिछले साल जुलाई महीने तक यह मात्रा 80 लाख बैरल ही थी. कहा जा रहा है कि ‘व्यापार युद्ध’ के चलते अगर चीन ने अमेरिका के कच्चे तेल पर शुल्क बढ़ा दिए तो भारत के आयात में और बढ़ोतरी हो सकती है.

इसके साथ ही भारत की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन के वित्तीय प्रमुख एके शर्मा ने कहा है कि अमेरिका से आने वाले कच्चे तेल की कीमत कम है इसलिए उसकी मांग ज्यादा है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर चीन अमेरिका से तेल आयात करने में कमी करता है तो भारत अपने आयात की मात्रा बढ़ा सकता है. उधर, भारत द्वारा ईरान से हर महीने आयात होने वाले कच्चे तेल की मात्रा में कमी आई है. खबर के मुताबिक जून में प्रति दिन कच्चे तेल के आयात में पांच लाख 92,800 बैरल की कमी देखने को मिली. मई की अपेक्षा जून में 16 प्रतिशत कम तेल आयात किया गया है.