पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को वहां की भ्रष्टाचार निरोधी अदालत की ओर से एक और झटका लगा है. स्थानीय खबरों के मुताबिक नवाज शरीफ ने अपने खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार के दो अन्य मामलों की सुनवाई के लिए अकाउंटबिलिटी कोर्ट बदलने की अपील की थी. लेकिन गुरुवार को उनकी यह अपील नामंजूर कर दी गई.

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक कोर्ट बदले जाने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए जज मुहम्मद बशीर ने कहा कि नवाज शरीफ के परिवार को भ्रष्टाचार के मामले दोषी ठहराने और उन्हें सजा सुनाने के बाद वे खुद को इस मामले से अलग नहीं कर सकते और ऐसा करने के लिए उन्हें देश के सुप्रीम कोर्ट से परामर्श करना होगा.

नवाज शरीफ पर भ्रष्टाचार के कई मामले दर्ज हैं. पनामा पेपर लीक में उनका नाम आने के बाद उन्हें प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था. इसके बाद बीते शुक्रवार को उन्हें लंदन के एवनफील्ड में गलत तरीके अपनाकर चार घर खरीदने के मामले में दस साल कैद की सजा सुनाई गई थी. इस मामले में नवाज शरीफ के साथ उनकी बेटी मरियम शरीफ को सात जबकि दामाद मोहम्मद सफदर को एक साल की सजा सुनाई गई थी. बीते हफ्ते कोर्ट ने जब यह सजा सुनाई थी तो उस वक्त नवाज शरीफ ब्रिटेन के लंदन में थे. शरीफ बीते महीने की 14 तारीख को अपनी पत्नी के कैंसर के इलाज के लिए लंदन गए थे और तब से वे वहीं पर ही हैं.

उधर, कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद प्रतिक्रिया देते हुए शरीफ ने स्वदेश लौटने की बात कही थी. शरीफ के वकीलों ने भी कहा था कि इस सजा पर राहत पाने के लिए शरीफ को 10 दिनों के भीतर पाकिस्तान लौटकर ऊपरी अदालत में अपील करनी होगी. फिर मंगलवार को उनके 13 जुलाई को पाकिस्तान लौटने की खबरें आई थीं. इस बीच यह भी बताया जा रहा है कि शुक्रवार को जैसे ही नवाज शरीफ और मरियम लाहौर हवाईअड्डे पर उतरेंगे तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार करके जेल भेज दिया जाएगा.