आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार के लिए बुरी खबर है. जून में खुदरा महंगाई दर बढ़कर पांच फीसदी हो गई है. यह बीते पांच महीने में इसका सबसे ऊंचा स्तर है. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय की तरफ से गुरुवार को ये जानकारी दी गई है. इससे पिछले महीने यानी मई में खुदरा महंगाई की दर चार दशमलव आठ सात फीसदी थी.

इस उछाल की मुख्य वजह पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी को माना जा रहा है. इसके अलावा औद्योगिक उत्पादन की विकास दर में भी गिरावट दर्ज की गई है. मई में देश के औद्योगिक उत्पादन में तीन दशमलव दो फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इससे पिछले महीने यह आंकड़ा चार दशमलव नौ फीसदी था.

इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने जून के पहले हफ्ते में हुई मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक में रेपो रेट को बढ़ाकर 6.25 फीसदी कर दिया था. केंद्रीय बैंक ने यह फैसला बढ़ती महंगाई और अर्थव्यवस्था के सामने खड़ी चुनौतियों की वजह से लिया था.