मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) ने गुरुवार को इस साल हुई नीट (राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा) के दूसरे चरण की काउंसलिंग के नतीज़े रोक लिए हैं. एमसीसी ने ऐसा मद्रास हाईकोर्ट के एक आदेश के चलते किया है.

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल) की आधिकारिक वेबसाइट पर ये नतीज़े रोके जाने की जानकारी दी गई है. साथ ही इस साल नीट में बैठे सभी परीक्षार्थियों को आगे की जानकारी के लिए लगातार वेबसाइट पर नज़र रखने की सलाह दी गई है. ग़ौरतलब है कि मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने इसी मंगलवार को सीबीएसई को आदेश दिया था कि वह तमिल माध्यम से परीक्षा देने वाले सभी बच्चों को परीक्षा में आए 49 ग़लत प्रश्नों के बदले 196 अतिरिक्त नंबर (हर प्रश्न के लिए चार-चार ग्रेस मार्क्स) दे.

अदालत ने इसके साथ ही सीबीएसई को यह आदेश भी दिया था कि वह इस साल नीट में पास होने वाले बच्चों की सूची फिर तैयार कर दो हफ़्ते के भीतर उसे जारी करे. तब तक चल रही काउंसलिंग प्रक्रिया के नतीज़ों को रोककर रखा जाए. इसके बाद नतीज़ों को तो रोक दिया गया है पर तमिल माध्यम से परीक्षा देने वाले बच्चों को 196 अतिरिक्त नंबर दिए जाएंगे यह अभी तय नहीं है. सूत्रों मुताबिक मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के ख़िलाफ़ सीबीएसई की ओर से जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की जा सकती है.

ग़ौरतलब है कि मद्रास हाईकोर्ट में दायर याचिका में दावा किया गया था कि तमिल माध्यम से परीक्षा देने वाले लगभग 24,000 बच्चों को जो प्रश्न पत्र दिए गए उनमें 49 प्रश्न ग़लत थे. सिर्फ़ प्रश्न ही नहीं उनके उत्तर (वैकल्पिक) भी ग़लत थे. याचिकाकर्ता शाजी चेल्लम ने इस आधार पर पर मांग की कि इन ग़लत प्रश्नों के पूरे-पूरे नंबर तमिल भाषा से परीक्षा देने वाले बच्चों को मिलने चाहिए. उन्होंने यह भी दावा किया कि सीबीएसई को इस याचिका के बारे में जानकारी थी. इसके बावज़ूद उसने नीट का परिणाम घोषित किया.