हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ऐलान किया है कि राज्य में बलात्कार या छेड़छाड़ के आरोपित व्यक्ति को मिलने वाली सभी तरह की सरकारी सुविधाएं रोक दी जाएंगी. उन्होंने कहा कि मामले पर कोर्ट का फैसला आने तक इन सुविधाओं पर रोक रहेगी. मुख्यमंत्री का यह भी कहना था कि आरोप साबित हो जाने की स्थिति में ये सुविधाएं हमेशा के लिए छीन ली जाएंगी. इन सुविधाओं में ड्राइविंग लाइसेंस, हथियार लाइसेंस और वृद्धावस्था पेंशन जैसी सुविधाओं को रखा गया है. राशन को अपवाद की श्रेणी में रखा गया है.

मनोहर लाल खट्टर ने प्रदेश में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ अपराध करने वालों को सुधरने की चेतावनी दी. उन्होंने महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के मामले में हरियाणा को देश में अव्वल बनाने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई. मनोहर लाल खट्टर ने यह भी कहा कि यदि शिकायतकर्ता अपनी पसंद का वकील किराए पर लेना चाहती है तो राज्य सरकार इसके लिए 22 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी. उन्होंने कहा, ‘सभी पुलिस स्टेशनों में जांच अधिकारी को बलात्कार के मामलों को एक महीने के भीतर और छेड़छाड़ के मामलों को 15 दिनों के भीतर निपटाना होगा, अन्यथा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.’ साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जिलों में छह फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाएगी. उनके मुताबिक स्वतंत्रता दिवस या रक्षा बंधन के अवसर पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक व्यापक योजना भी शुरू की जाएगी.