विवादित इस्लामिक धर्म उपदेशक जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण को लेकर मलेशियाई सरकार की तरफ से एक अहम बयान आया है. मलेशिया के मानव संसाधन मंत्री एम कुला सेगरन ने कहा है कि जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के लिए भारत को मलेशिया सरकार के साथ ‘जरूरी संवाद’ करना चाहिए. उनके मुताबिक भारत ने अभी तक ऐसा कुछ नहीं किया है.

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक एम कुला सेगरन ने कहा है, ‘जाकिर नाइक का मुद्दा पिछली कैबिनेट मीटिंग में भी उठा था. अगर जाकिर नाइक को सौंपने के लिए भारत की तरफ से आधिकारिक मांग होती है तो कानूनी प्रक्रिया के तहत इस पर विचार किया जाएगा. इस मामले में नियमों के मुताबिक पहल भारत को करनी होगी और उसे मलेशिया सरकार के समक्ष प्रत्यर्पण के लिए अर्जी लगानी होगी.’

मलेशियाई मंत्री ने यह भी कहा है कि किसी भी मुद्दे का समाधान कानूनी दायरे में रहकर किया जाना चाहिए. उनके मुताबिक प्रत्यर्पण जैसे अहम मुद्दे पर न तो सरकार और न ही किसी एक व्यक्ति को अकेले किसी निर्णय पर पहुंचना चाहिए. उनका यह भी कहना है कि ऐसे मामलों पर कोई फैसला करने का अधिकार देश की अदालतों पर छोड़ देना चाहिए.

सेगरन का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब बीते हफ्ते मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण पर फैसला करते हुए उसे भारत भेजने से इनकार कर दिया था. तब महातिर मोहम्मद ने यह भी कहा था कि जाकिर नाइक को मलेशिया में स्थायी निवासी का दर्जा प्राप्त है.

जाकिर नाइक साल 2016 में भारत छोड़कर मलेशिया भाग गया था. तब से वह वहीं रह रहा है. हालांकि बीते हफ्ते मलेशिया पुलिस द्वारा उसे गिरफ्तार करके भारत भेजने संबंधी खबरें आई थीं लेकिन, वे गलत साबित हुई थीं. जाकिर नाइक के खिलाफ सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और युवाओं को आतंकवाद के रास्ते पर भेजने के अलावा मनी लांड्रिंग संबंधी कई मामले दर्ज हैं. ये मामले उस पर साल 2016 में दर्ज किए गए थे.