वरिष्ठ वैज्ञानिक आरए माशेलकर रिलायंस फाउंडेशन की ‘प्रतिष्ठित’ जिओ यूनिवर्सिटी के कुलपति हो सकते हैं. माशेलकर इस समय विज्ञान एवं तकनीक मंत्रालय के तहत आने वाले राष्ट्रीय नवाचार संस्थान के प्रमुख हैं.

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक माशेलकर रिलायंस नवाचार परिषद के भी अध्यक्ष हैं. बताया जाता है कि माशेलकर के अलावा दीपक सी जैन जिओ यूनिवर्सिटी के उपकुलपति हो सकते हैं. जैन इससे पहले बैंकॉक के सैसिन ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन के निदेशक रह चुके हैं. यहां बताना ज़रूरी है कि जिओ यूनिवर्सिटी अब तक सिर्फ कागज़ों पर ही है. संस्थान की नींव भी नहीं पड़ी है. इसके बावज़ूद केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने इस संस्थान को देश के ऐसे छह संस्थानों में शामिल करने की मंशा (लैटर ऑफ इंटेंट जारी कर) ज़ताई है जिन्हें आगे प्रतिष्ठित दर्ज़ा दिया जाना तय माना जा रहा है. इस पर विवाद बना हुआ है.

बहरहाल ख़बर की मानें तो रिलायंस उद्योग समूह के निदेशकों में भी शुमार- माशेलकर और जैन अब एक कोर ग्रुप की स्थापना कर सकते हैं. यह कोर ग्रुप अगले तीन साल में जिओ यूनिवर्सिटी की स्थापना की प्रक्रिया देखेगा. हालांकि इस बाबत अख़बार ने जब सीधे माशेलकर से संपर्क कर उनसे प्रतिक्रिया लेनी चाही तो उन्होंने कोई ज़वाब नहीं दिया.