भारत ने ईरान के एक निजी बैंक को मुंबई में अपनी शाखा खोलने से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक वित्त मंत्रालय ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से कहा है कि उसे तेहरान स्थित ‘बैंक पसरगाद’ के भारत में शाखा खोलने से कोई आपत्ति नहीं है. यह मंजूरी ऐसे समय में दी गई है जब अमेरिका ने भारत को धमकी दी है कि अगर उसने ईरान से तेल व्यापार बंद नहीं किया तो उसे आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा.

सूत्रों ने बताया कि ईरान के दो बैंकों - बैंक पसरगाद और परशियन बैंक - ने भारत में शाखा खोलने के लिए आवेदन दिया था. वहीं, एक और ईरानी बैंक - समन बैंक - ने अपना प्रतिनिधि कार्यालय खोलने के लिए आवेदन दिया था. तेहरान स्टॉक एक्सचेंज की सूची में शामिल होने के चलते अभी तक केवल पसरगाद बैंक के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है. सूत्रों ने बताया कि बाकी बैंकों को हरी झंडी मिलना अभी बाकी है.

इससे पहले भारतीय निर्यात संगठन संघ ने आरबीआई को सुझाव दिया था कि भारत-ईरान के द्विपक्षीय व्यापार को देखते हुए ईरानी बैंकों को भारत में काम करने की अनुमति दी जानी चाहिए. किसी विदेशी बैंक के भारत में शाखा खोलने के प्रस्ताव को आरबीआई से मंजूरी मिलने के बाद वित्त, वाणिज्य, विदेश और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति इसकी जांच करती है. आरबीआई द्वारा लाइसेंस जारी किए जाने से पहले हरेक मंत्रालय से मंजूरी मिलना जरूरी होता है.

सूत्रों ने बताया कि ईरान के अलावा दो दक्षिण कोरियाई बैंकों - केईबी हाना बैंक और कूकमिन बैंक - को भी लाइसेंस देने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. केईबी हाना बैंक की दूसरी ब्रांच गुरुग्राम में खुलेगी. वहीं, कूकमिन बैंक गुरुग्राम स्थित अपने प्रतिनिधि कार्यालय को शाखा में तब्दील कर सकेगा.

करीब 14 विदेशी बैंकों ने भारत में शाखाएं खोलने के लिए आवेदन दिए हैं. ईरान के बैंकों के अलावा, चीन के दो, दक्षिण कोरिया के चार और नीदरलैंड के दो बैंकों ने आवेदन दिया है. इनके अलावा चेक रिपब्लिक, श्रीलंका और मलेशिया ने भी शाखाएं खोलने की अपील की हुई है. मलेशिया के प्रस्ताव को सरकार ने खारिज कर दिया है. सूत्रों ने बताया कि यह दूसरा मौका है जब भारत ने मलेशिया के आवेदन को खारिज कर दिया.