जर्मन ऑटोमोबाइल कंपनी पोर्शे ने भारत में अपनी नई कार- 911 जीटी-2 आरएस पेश कर देश के रफ़्तारपसंद वाहन प्रेमियों को खास सौगात दी है. 911 जीटी-2 पोर्शे की सबसे तेज कार बताई जा रही है. कंपनी का दावा है कि यह कार सौ किलोमीटर/घंटा की रफ़्तार पकड़ने में महज 2.8 सेकंड का वक्त लेती है. गौरतलब है कि यह कंपनी की पहली जीटी-2 एडिशन कार नहीं है. इससे पहले कंपनी ने 1993 में अपनी 993 कार का जीटी-2 एडिशन पेश किया था. इसके बाद 2010 में भी कंपनी ने अपनी 911 जनरेशन कार का जीटी-2 आरएस वेरिएंट- 997 लॉन्च किया था.

यदि परफॉर्मेंस के हिसाब से बात करें तो पोर्शे 911 जीटी-2 आरएस में 3.8-लीटर का ट्विन-टर्बोचार्ज्ड फ्लैट-सिक्स इंजन लगाया है जो 686 बीएचपी की अधिकतम पॉवर और 750 एनएम का अधिकतम पीक टॉर्क पैदा करने की क्षमता रखता है. इस इंजन के साथ यह कार 8.5 किलोमीटर/लीटर का माइलेज देती है जो कि इस क्षमता के इंजन के लिए बेहतरीन मानी जा सकती है.

कंपनी ने बाइक के इंजन को पोर्शे पीडीके डुअल-क्लच 7-स्पीड गियरबॉक्स से जोड़ा है जो ऑटो और मैनुअल दोनों मोड पर काम करने में सक्षम है. इस शानदार कार की टॉप स्पीड 340 किलोमीटर/घंटा है. पोर्शे ने भारत में 911 जीटी-2 आरएस की कीमत 3.88 करोड़ रुपए तय की है.

रॉयल एनफील्ड क्लासिक-500 के पेगासस एडिशन की भारत में ऑनलाइन बिक्री टली

देश की प्रमुख दमदार बाइक निर्माता कंपनी रॉयल एनफील्ड ने इसी साल मई में क्लासिक 500 का स्पेशल एडिशन ‘पेगासस’ पेश किया था. ख़बरों के मुताबिक रॉयल इनफील्ड ने इस एडिशन के तहत दुनियाभर के लिए सिर्फ 1000 बाइकें तैयार की थीं जिनमें से 250 यूनिट भारत में बेची जानी थीं. भारत में इन बाइकों की ऑनलाइन बिक्री के लिए कंपनी ने दस जुलाई तारीख़ को चुना और तय किया गया कि इन बाइकों को पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर ग्राहकों को दिया जाएगा. लेकिन पेगासस को खरीदने के लिए इतने ग्राहकों ने दिलचस्पी दिखाई कि क्षमता से अधिक ट्रैफिक होने की वजह से रॉयल एनफील्ड की वेबसाइट ही क्रैश हो गई और कंपनी को इस बाइक की बिक्री अनिश्चित समय के लिए टालनी पड़ी.

बता दें कि क्लासिक-500 पेगासस को द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान काम में लाई जाने वाली डब्ल्यूडी 125 मोटरसाइकल से प्रेरित होकर तैयार किया गया है. उस दौर में ब्रिटिश सैनिक इस बाइक को फ्लाइंग फ्ली के नाम से जानते थे. कंपनी की मानें तो द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान फ्लाइंग फ्ली जिन दो रंगों - सर्विस ब्राउन और ऑलिव ड्रैब ग्रीन के साथ आती थी, पेगासस भी इन्हीं दो रंगों में तैयार की गई है. इसके अलावा फ्लाइंग फ्ली की तर्ज़ पर ही इस लिमिटेड एडिशन के साथ मिलिट्री-स्टाइल कैनवास पेनियर्स, पेगासस लोगो, टैंक पर यूनिक नंबर, ब्राउन हैंडलबार ग्रिप्स, एयर फिल्टर के दोनों तरफ लैदर स्ट्रैप और ब्रास बकल के साथ ब्लैक सायलेंसर जैसे असेट देखने को मिलते हैं.

परफॉर्मेंस के मामले में रॉयल एनफील्ड ने पेगासस में कोई खास बदलाव नहीं किया है. कंपनी ने इस एडिशन में अपने मौजूदा मॉडल की तरह 499-सीसी का एयर-कूल्ड सिंगल-सिलेंडर इंजन दिया है जो 5250 आरपीएम पर 27.2 की अधिकतम पॉवर के साथ 4000 आरपीएम पर 41.3 एनएम का टॉर्क पैदा करने में सक्षम है. इंजन की ही तरह पेगासस का चेसिस, ब्रेक और टायर भी मौजूदा मॉडल से लिए गए हैं.

खबरों के मुताबिक रॉयल इनफील्ड ने क्लासिक 500 पेगासस की कीमत 4,999 पाउंड यानी तकरीबन 4.5 लाख रुपए तय की है. वहीं भारत में इस बाइक को लेने के लिए आपको 2.40 लाख रुपए चुकाने होंगे. यदि आप भी इस शानदार बाइक को अपने घर लाना चाहते हैं तो अगली ऑनलाइन बिक्री का ख्याल रखिएगा.

मारुति-सुज़ुकी सियाज़-2018 अगले महीने लॉन्च हो सकती है

एक प्रमुख ऑटो वेबसाइट ने दावा किया है कि अगले महीने तक बाजार में मारुति-सुज़ुकी की लोकप्रिय सेडान सियाज़ का नया अवतार देखने को मिल सकता है. लेकिन इस कार से उन लोगों को निराशा हो सकती है जो लुक्स के मामले में सियाज़ से कुछ नए की उम्मीद पाले हुए थे. टेस्टिंग के दौरान लिए गए स्पाइ फोटोज़ के हवाले से इस वेबसाइट का कहना है कि इस कार की डिज़ायन काफी हद तक अपने मौजूदा मॉडल से ही मिलती-जुलती है. हांलाकि कंपनी ने सियाज़-2018 में बंपर का नया सेट, हैड और टेल लैंप में एलईडी लाइट्स और नए डिज़ायन के अलॉय व्हील देकर इस कमी को पूरा करने की कोशिश की है.

यदि आप सियाज़-2018 के केबिन में झांकेंगे तो यहां भी आपको डिज़ायन और स्पेस के मामले में भी डेशबोर्ड और डोरट्रिम्स पर वुडन फिनिश के अलावा कुछ खास बदलाव देखने को नहीं मिलेंगे. इसके अलावा केबिन में 7.0 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और लैदर अपहोल्स्ट्री जैसी मौजूदा खूबियां बरकरार रखीं गई हैं. यहां नए के नाम पर क्रूज़ कंट्रोल का विकल्प ज़रूर मिलता है.

यदि इस कार में प्रमुख बदलाव की बात करें तो वह आपको इसके बोनट के नीचे देखने को मिल सकता है. यहां कंपनी ने मौजूदा 1.4 लीटर क्षमता वाले के-14 पेट्रोल इंजन को 1.5 लीटर क्षमता के के-15बी इंजन से बदला है. इसकी बदौलत जहां अब तक सियाज़ 92 पीएस की पॉवर के साथ 130 एनएम का टॉर्क पैदा करने में सक्षम थी अब वहां यह कार 105 पीएस की पॉवर के साथ 138 एनएम का टॉर्क उत्पन्न करती है. हालांकि नए इंजन की वजह से कार की परफॉर्मेंस में तो कुछ ज्यादा फर्क़ नहीं पड़ा है. लेकिन इसके चलते सियाज़ न सिर्फ मारुति बल्कि सेगमेंट की भी पहली पेट्रोल हाइब्रिड कार बनने में सफल रही है.

यदि आपको इस तकनीक से कुछ ज्यादा फर्क़ नहीं पड़ता और आप सियाज़ खरीदने का मन बना रहे हैं तो इसके पुराने मॉडल पर नज़र डाल सकते हैं. दरअसल, नई कार के बाज़ार में आने से पहले कंपनी डीलरशिप इस कार पर चालीस हजार रुपए का कैश डिस्काउंट, सत्तर हजार रुपए तक का एक्सचेंज बोनस और दस हजार रुपए का कॉर्पोरेट डिस्काउंट मिला कर इस कार पर करीब सवा लाख रुपए की छूट दे रही हैं.