केंद्र सरकार लाल किले में चार नए संग्रहालय खोलने जा रही है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की पहल पर शुरू की जा रही इस योजना पर अगले महीने काम शुरू किया जाएगा. संस्कृति सचिव राघवेंद्र सिंह ने इसकी जानकारी देते हुए बताया, ‘लाल किले को संग्रहालय हब के रूप में विकसित करने का विचार है. अंग्रजों द्वारा बनाई गई बैरकें तीन मंजिला हैं और इनमें टीक की लकड़ी से बने पैनल हैं, ये सब अब भारतीय इतिहास का प्रतिनिधित्व करेंगे.’

राघवेंद्र सिंह ने चार नए संग्रहालयों की जानकारों देते हुए बताया कि पहले संग्रहालय में मूल अभिलेखीय सामग्री और 1857 क्रांति से संबंधित प्रतिकृतियां होंगी. इसमें ​​ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ भारतीय विद्रोह को दर्शाती हुई लगभग एक शताब्दी पुरानी 70 असली पेंटिंग्स रखी जाएंगी. सिंह ने कहा कि कुछ सामाग्री को कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल संग्रहालय जैसे अन्य संग्रहालयों से भी मंगाया जाएगा.

संस्कृति सचिव के मुताबिक दूसरा संग्रहालय सुभाष चंद्र बोस और भारतीय सेना से जुड़ा होगा. जबकि, तीसरा संग्रहालय जालियांवाला बाग में हुए नरसंहार और द्वितीय विश्व युद्ध में भारत की भागेदारी पर अभिलेखीय सामग्री को प्रदर्शित करेगा. चौथे संग्रहालय में भारतीय युद्ध स्मारक संग्रहालय और पुरातत्व संग्रहालय की कलाकृतियों को रखा जाएगा. अभी ये दोनों संग्रहालय लाल किले के नौबत खाना और मुमताज महल पैलेस में स्थित हैं. ये भी बताया गया है कि चौथे संग्रहालय में कलाकृतियों का स्थानांतरण होने के बाद नौबत खाना और मुमताज महल पैलेस को जनता के लिए खोल दिया जाएगा.